प्र1.
नीचे दी गई इंटरनेट कड़ियों के माध्यम से आप महादेवी वर्मा और उनकी रचनाओं के विषय में जान, समझ सकते हैं—
• महादेवी वर्मा | कवयित्री | जीवन और लेखन | हिंदी | भाग - 1
• महादेवी वर्मा | कवयित्री | जीवन और लेखन | हिंदी | भाग - 2
• कविता मंजरी, बारहमासा • गिल्लू - महादेवी वर्मा • महादेवी वर्मा, भारतीय कवयित्री
उत्तर
यह खोजबीन का काम है — पुस्तक में दिए क्यूआर कोड या कड़ियों को शिक्षक की देखरेख में खोलिए, और देखते-सुनते समय एक कॉपी में नोट बनाइए। नीचे वह ढाँचा है जिसमें आपके नोट रखे जा सकते हैं। पाठ की ‘कवि से परिचय’ में दी गई जानकारी से शुरुआत कीजिए।
| क्या खोजना है | पाठ में जो पहले से है | खोजबीन में क्या जोड़ना है |
|---|---|---|
| जीवन | जन्म फ़र्रुख़ाबाद, उत्तर प्रदेश; जीवनकाल 1907–1987; छोटी उम्र से ही कविता लिखना आरंभ किया | शिक्षा, प्रयाग महिला विद्यापीठ से जुड़ाव, चित्रकला और संगीत में रुचि |
| बच्चों के लिए लिखी कविताएँ | ‘बारहमासा’, ‘आज खरीदेंगे हम ज्वाला’, ‘अब यह चिड़िया कहाँ रहेगी’ | इनमें से कोई एक पूरी पढ़कर उसकी दो पसंदीदा पंक्तियाँ लिखिए |
| गद्य रचनाएँ | मेरा परिवार, अतीत के चलचित्र, स्मृति की रेखाएँ, पथ के साथी | ‘गिल्लू’ जैसे किसी एक रेखाचित्र का सारांश और उसका पात्र |
| कविता-संग्रह | नीहार, रश्मि, नीरजा, सांध्य गीत, दीपशिखा | इनमें से किसी एक संग्रह का प्रकाशन वर्ष और उसकी एक प्रसिद्ध कविता |
| सम्मान | भारतीय ज्ञानपीठ पुरस्कार | और कौन-कौन से सम्मान मिले — सूची बनाइए |
| और क्या-क्या थीं | बहुमुखी प्रतिभा संपन्न; एक चित्रकार भी | उनके बनाए किसी चित्र को देखिए और लिखिए कि वह उनकी कविता से किस तरह मिलता-जुलता लगा |
प्रस्तुति का सुझाव: खोजबीन के बाद समूह मिलकर एक चार्ट बनाए — बीच में महादेवी वर्मा का चित्र या डाक-टिकट, और चारों ओर पाँच खाने: जीवन, कविता-संग्रह, गद्य, बच्चों के लिए रचनाएँ, सम्मान। हर खाने में केवल तीन-तीन बातें लिखिए, ताकि चार्ट पढ़ा जा सके।
खोजबीन का नियम: इंटरनेट से ली गई हर बात दो जगह जाँचिए, और जो लिखें उसका स्रोत भी लिखिए — किस वीडियो या पृष्ठ से मिला। यही आदत आगे की पढ़ाई में सबसे अधिक काम आती है।