मल्हार अध्याय 8 नए मेहमान के लिए एनसीईआरटी समाधान

अद्यतन 2026-09-05

इस अध्याय के बारे में

नए मेहमान एक एकांकी है — यानी ऐसा नाटक जिसमें केवल एक ही अंक होता है। इसके रचयिता उदयशंकर भट्ट (1898–1966) हैं, जिनका जन्म उत्तर प्रदेश के इटावा में हुआ। उन्होंने रेडियो के लिए अनेक नाटक लिखे, नाटकों और फिल्मों में अभिनय भी किया। उपन्यास लोक-परलोक और एकांकी संग्रह पर्दे के पीछे उनकी चर्चित रचनाएँ हैं। पूरी एकांकी एक ही स्थान (भारत के किसी बड़े नगर में किराये का एक छोटा मकान), एक ही रात (गरमी की ऋतु, रात आठ बजे से आधी रात तक) और गिने-चुने पात्रों में घटती है — विश्वनाथ, रेवती, उनके बच्चे प्रमोद और किरण, दो अपरिचित अतिथि नन्हेमल और बाबूलाल, पड़ोसी, तथा अंत में आने वाला आगंतुक (रेवती का भाई)। कथा संवादों से आगे बढ़ती है। घर पहले से ही गरमी, बीमारी, तंग जगह और चिड़चिड़े पड़ोसी से जूझ रहा है — तभी दरवाजा खटखटता है और बिस्तर-संदूक लेकर दो अजनबी भीतर आ जाते हैं। ‘ मान न मान मैं तेरा मेहमान ’ वाली

  1. मेरी समझ से
  2. पंक्तियों पर चर्चा
  3. मिलकर करें मिलान
  4. सोच-विचार के लिए
  5. अनुमान और कल्पना से
  6. एकांकी की रचना
  7. अभिनय की बारी
  8. भाषा की बात
  9. आपकी बात
  10. सावधानी और सुरक्षा
  11. सृजन
  12. गरमी का प्रकोप
  13. तार से संदेश
  14. नाप, तौल और मुद्राएँ
  15. झरोखे से
  16. साझी समझ
  17. खोजबीन के लिए
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