प्र1.
“तमाम शरीर मारे गरमी के उबल उठा है।” एकांकी में भीषण गरमी का वर्णन किया गया है। आप गरमी के प्रकोप से बचने के लिए क्या-क्या सावधानी बरतेंगे? पाँच-पाँच के समूह में चर्चा करें। मुख्य बिंदुओं को चार्ट पेपर पर लिखकर बुलेटिन बोर्ड पर लगाएँ और इन्हें व्यवहार में लाएँ।
उत्तर
चर्चा के बाद चार्ट पेपर पर बिंदुओं को शीर्षकों में बाँटकर लिखिए — तभी वह पढ़ने और मानने लायक बनेगा।
| क्षेत्र | क्या करें | क्यों |
|---|---|---|
| पानी | प्यास लगने का इंतजार किए बिना थोड़ी-थोड़ी देर में पानी पिएँ। नींबू-पानी, नारियल पानी, छाछ, आम पन्ना और शिकंजी लें। बाहर जाते समय पानी की बोतल साथ रखें। | पसीने से शरीर का पानी और नमक दोनों निकलते हैं। केवल पानी नहीं, नमक-चीनी वाला घोल भी जरूरी है। |
| समय | दोपहर 12 से 4 बजे के बीच धूप में निकलने से बचें। खेलकूद सुबह या शाम को रखें। | इन्हीं घंटों में लू सबसे तेज होती है। |
| कपड़े | ढीले, सूती और हल्के रंग के कपड़े पहनें। बाहर निकलें तो टोपी, छाता, गमछा या दुपट्टे से सिर ढकें। | सूती कपड़ा पसीना सोखता है और हल्का रंग धूप लौटा देता है। |
| भोजन | हल्का और ताजा भोजन करें। तरबूज, खरबूजा, ककड़ी, खीरा, दही खाएँ। बाहर का कटा-खुला और बासी खाना न खाएँ। | गरमी में खाना जल्दी खराब होता है; टाइफाइड और पेट की बीमारियाँ इसी मौसम में फैलती हैं। एकांकी में भी सामने वाले घर की लड़की टाइफाइड से चल बसी थी। |
| घर | दिन में धूप वाली खिड़कियों पर परदे या खस की चिक लगाएँ, रात में खिड़कियाँ खोल दें। छत या आँगन में पानी छिड़कें। | दिन में गरम हवा रोकनी है, रात में ठंडी हवा भीतर लानी है। |
| लू लगने पर | तुरंत छाया में लिटाएँ, कपड़े ढीले करें, गीले कपड़े से शरीर पोंछें, नमक-चीनी का घोल या ओ.आर.एस. दें, और डॉक्टर के पास ले जाएँ। | चक्कर आना, उल्टी, तेज बुखार और पसीना बंद हो जाना — ये लू के लक्षण हैं, इन्हें हल्के में न लें। |
| दूसरों का ध्यान | पक्षियों के लिए छत पर पानी का सकोरा रखें। घर आए डाकिये, कूरियर वाले या मजदूर को पानी पूछें। छोटे बच्चों और बुजुर्गों पर विशेष ध्यान दें। | गरमी सब पर बरसती है, पर उससे बचने के साधन सबके पास नहीं होते — रेवती के शब्दों में, “गरीबों की तो मौत है।” |
| लंबी दृष्टि | पेड़ लगाएँ और लगे हुए पेड़ बचाएँ; बिजली-पानी बरबाद न करें। | छायादार पेड़ आस-पास का तापमान कई डिग्री तक घटा देता है। |
चार्ट बनाते समय: बड़े अक्षरों में केवल 6–8 बिंदु लिखिए, हर बिंदु के साथ एक चित्र बनाइए, और सबसे ऊपर एक नारा लिखिए — जैसे “पानी पिएँ, छाँव में रहें, दूसरों को भी बचाएँ”। बुलेटिन बोर्ड पर वही चार्ट काम करता है जो दूर से पढ़ा जा सके।