मल्हार अध्याय 8 नाप, तौल और मुद्राएँ

अद्यतन2026-09-05

प्र1.
(क) पता लगाइए कि एक रुपये में कितने आने होते हैं?
उत्तर

एक रुपये में सोलह (16) आने होते थे।

पुरानी भारतीय मुद्रा की पूरी सीढ़ी इस प्रकार थी —

1 रुपया = 16 आने
1 आना = 4 पैसे (पुराने पैसे)
1 पैसा = 3 पाई
इसलिए 1 रुपया = 16 × 4 = 64 पुराने पैसे = 192 पाई

1957 में भारत ने दशमलव प्रणाली अपनाई और तब से 1 रुपया = 100 (नए) पैसे हो गया। ‘आना’ धीरे-धीरे चलन से बाहर हो गया।

Did you know? ‘सोलह आने सच’ मुहावरा इसी मुद्रा से बना है। सोलह आने यानी पूरा एक रुपया — अर्थात् पूरी तरह सच। इसी तरह ‘बारह आने’ का अर्थ होता था — तीन-चौथाई।
प्र2.
(ख) चार आने में कितने पैसे होते हैं?
उत्तर

चार आने में 25 पैसे होते हैं।

1 रुपया = 100 पैसे और 1 रुपया = 16 आने
इसलिए 16 आने = 100 पैसे
1 आना = 100 ÷ 16 = 6.25 पैसे
4 आने = 4 × 6.25 = 25 पैसे

इसी कारण चवन्नी (25 पैसे) को ‘चार आने’ और अठन्नी (50 पैसे) को ‘आठ आने’ कहा जाता था — और आज भी बहुत से लोग यही कहते हैं।

जाँच लीजिए: 8 आने = 8 × 6.25 = 50 पैसे ✓, और 16 आने = 16 × 6.25 = 100 पैसे ✓ — यानी पूरा एक रुपया। हिसाब सही बैठ रहा है।
एकांकी का हिसाब लगाइए: नन्हेमल ने मलमल सवा रुपया गज खरीदी, जबकि नत्थामल के यहाँ वही साढ़े नौ आने गज मिल रही थी।
सवा रुपया = 1.25 रुपये = 1.25 × 16 = 20 आने
नत्थामल का भाव = 9.5 आने
6 गज पर खर्च = 6 × 20 = 120 आने = 120 ÷ 16 = ₹7.50
नत्थामल के यहाँ खर्च होता = 6 × 9.5 = 57 आने = 57 ÷ 16 ≈ ₹3.56
यानी लगभग ₹3.94 अधिक देने पड़े — दुगुने से भी ज्यादा भाव।
इसीलिए नन्हेमल कहता है, “बड़ा ठग है।” यह छोटा-सा हिसाब उसके स्वभाव को भी खोल देता है — वह हर चीज का मोल-भाव याद रखने वाला आदमी है।
प्र3.
(ग) आपके आस-पास गज शब्द का प्रयोग किस संदर्भ में किया जाता है? पता लगाइए और लिखिए।
उत्तर

‘गज’ शब्द आज भी कई जगह सुनाई देता है —

  • कपड़े की दुकान पर — साड़ी, परदे, चादर और सूट का कपड़ा आज भी बहुत दुकानदार ‘गज’ में नापते हैं — “दो गज कपड़ा दे दीजिए।” दर्जी भी अक्सर गज में ही बताते हैं।
  • जमीन के लेन-देन में — प्लॉट का माप ‘वर्ग गज’ (square yard) में बताया जाता है — “सौ गज का मकान”। उत्तर भारत में यह बहुत आम है।
  • रस्सी, तार और फीते के लिए — दुकानदार अब भी गज में नापकर देते हैं।
  • खेल में — क्रिकेट की पिच 22 गज लंबी होती है; इसीलिए ‘22 गज की पट्टी’ मुहावरे की तरह बोला जाता है। फुटबॉल और गोल्फ में भी दूरी गज में बताई जाती है।
  • मुहावरे में — ‘दो गज जमीन’ यानी कब्र भर की जगह; ‘गज भर की जबान’ यानी बहुत बोलना।
पता कैसे लगाएँ: पास की कपड़े की दुकान पर जाकर पूछिए कि वे मीटर में नापते हैं या गज में, और क्यों। किसी बुजुर्ग से पूछिए कि पहले किन-किन चीजों का माप गज में होता था। जो पता चले, उसे लिखकर कक्षा में साझा कीजिए।
प्र4.
(घ) बताइए कि एक गज में कितनी फीट होती हैं?
उत्तर

एक गज में तीन (3) फीट होती हैं।

1 गज = 3 फीट
1 फीट = 12 इंच
इसलिए 1 गज = 3 × 12 = 36 इंच
मीटर में — 1 गज ≈ 0.914 मीटर (लगभग एक मीटर से थोड़ा कम)

याद रखने का सरल तरीका: एक गज लगभग एक मीटर के बराबर है — बस थोड़ा-सा छोटा। इसीलिए जब दुकानदार मीटर में देता है, तो कपड़ा गज से लगभग 9 सेंटीमीटर ज्यादा मिलता है।

मापबराबर
1 गज3 फीट = 36 इंच ≈ 0.914 मीटर
1 फीट12 इंच ≈ 30.5 सेंटीमीटर
1 मीटर≈ 1.09 गज = लगभग 39.37 इंच
क्रिकेट की पिच22 गज = 66 फीट ≈ 20.12 मीटर
दोनों प्रणालियाँ क्यों चलती हैं: गज, फीट और इंच ब्रिटिश प्रणाली के माप हैं, जो अंग्रेजी शासन के समय भारत में आए। मीटर और सेंटीमीटर मीट्रिक प्रणाली के हैं, जिसे भारत ने 1956 के बाद अपनाया। सरकारी काम में मीट्रिक चलता है, पर बाजार की जबान में पुराने माप आज भी जीवित हैं — ठीक वैसे ही जैसे ‘चार आने’ आज भी सुनाई देता है।
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