मल्हार अध्याय 7 खोया-पाया

अद्यतन2026-09-05

प्र1.
मान लीजिए आपका सपना कहीं खो गया है। उसके खो जाने की रिपोर्ट तैयार करें। आपको स्कूल प्रशासन को यह रिपोर्ट भेजनी है। इसके लिए स्कूल प्रशासन के नाम एक पत्र लिखिए।
उत्तर

यह औपचारिक पत्र है, पर विषय कल्पना का है। मज़ा इसी में है — खोई हुई वस्तु की रिपोर्ट का ढाँचा वैसा ही रखिए (कब खोया, कहाँ खोया, पहचान क्या है, मिलने पर क्या करें), पर उसमें ‘वस्तु’ की जगह सपना रख दीजिए।

नमूना पत्र:

सेवा में,
प्रधानाचार्य महोदय,
राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय,
बारीपाड़ा, ज़िला — मयूरभंज

विषय — खोए हुए सपने की सूचना देने हेतु।

महोदय,

सविनय निवेदन है कि मैं कक्षा आठ ‘अ’ का विद्यार्थी हूँ। मेरा एक सपना विगत कुछ महीनों से खो गया है और बहुत खोजने पर भी नहीं मिला। इसकी सूचना मैं विद्यालय प्रशासन को देना चाहता हूँ।

खोई वस्तु का विवरण —

  • नाम: ‘गाँव में एक पुस्तकालय बनाने’ का सपना।
  • कब खोया: लगभग तब, जब आधे-वार्षिक परीक्षा के बाद कुछ लोगों ने कहा कि यह काम बच्चों के बस का नहीं है।
  • कहाँ खोया: ठीक-ठीक स्थान मालूम नहीं। संभवतः कक्षा और घर के बीच, उस चुप्पी में जहाँ मैंने अपनी बात कहनी बंद कर दी।
  • पहचान: देखने में छोटा, पर उठाने पर भारी। इसके साथ पुरानी किताबों की एक पेटी और चार साथियों के नाम भी जुड़े हुए हैं।

यदि यह सपना किसी को मिले तो कृपया उसे विद्यालय के सूचना-पट पर लगा दें अथवा मुझे लौटा दें। मैं आगे से इसे और सँभालकर रखूँगा — रोज़ थोड़ा काम करके और अपनी बात कहकर।

आपसे यह भी निवेदन है कि विद्यालय में ऐसे खोए हुए सपनों के लिए एक ‘खोया-पाया’ कोना बनाया जाए, जहाँ विद्यार्थी अपने सपने लिखकर लगा सकें और साथी उनमें जुड़ सकें।

धन्यवाद।

दिनांक — 12 अगस्त 20—
आपका आज्ञाकारी शिष्य,
क.ख.ग.
कक्षा 8 ‘अ’, अनुक्रमांक 17

अच्छी रिपोर्ट में क्या होना चाहिए: औपचारिक पत्र का ढाँचा — सेवा में, विषय, संबोधन, विनम्र भाषा, विवरण, निवेदन, धन्यवाद, दिनांक और हस्ताक्षर। और लेखन की दृष्टि से इसकी जान इस बात में है कि आपने सपने की ‘पहचान’ और ‘खोने का स्थान’ कितनी कल्पनाशीलता से लिखा — यही इस गतिविधि की असली परीक्षा है।
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