मल्हार अध्याय 7 शब्दकोश से

अद्यतन2026-09-05

प्र1.
“स्वर्ग बनाने का फिर कोई शिल्प” शब्दकोश के अनुसार ‘शिल्प’ शब्द के निम्नलिखित अर्थ हैं— 1. हाथ से कोई चीज बनाकर तैयार करने का काम— दस्तकारी, कारीगरी या हुनर, जैसे— बरतन बनाना, कपड़े सिलना, गहने गढ़ना आदि। 2. कला संबंधी व्यवसाय। 3. दक्षता, कौशल। 4. निर्माण, सर्जन, सृष्टि, रचना। 5. आकार, आवृत्ति। 6. अनुष्ठान, क्रिया, धार्मिक कृत्य। अब शब्दकोश से ‘शिल्प’ शब्द से जुड़े निम्नलिखित शब्दों के अर्थ खोजकर लिखिए— 1. शिल्पकार, शिल्पी, शिल्पजीवी, शिल्पकारक, शिल्पिक या शिल्पकारी 2. शिल्पकला 3. शिल्पकौशल 4. शिल्पगृह या शिल्पगेह 5. शिल्पविद्या 6. शिल्पशाला या शिल्पालय
उत्तर
शब्दअर्थवाक्य में प्रयोग
शिल्पकार, शिल्पी, शिल्पजीवी, शिल्पकारक, शिल्पिक, शिल्पकारीहाथ के हुनर से वस्तुएँ बनाने वाला व्यक्ति — कारीगर, दस्तकार। शिल्पजीवी वह है जो शिल्प से ही जीविका चलाता है; शिल्पकारी शब्द कारीगर के लिए और कारीगरी के काम — दोनों के लिए आता है।खजुराहो के मंदिरों को गढ़ने वाले शिल्पकारों के नाम आज कोई नहीं जानता।
शिल्पकलाहाथ से वस्तुएँ गढ़ने की कला; हस्तकला, दस्तकारी।बस्तर की ढोकरा शिल्पकला में मोम के साँचे से धातु की मूर्तियाँ बनती हैं।
शिल्पकौशलशिल्प में निपुणता; कारीगरी की दक्षता।कोणार्क के सूर्य मंदिर का पहिया भारतीय शिल्पकौशल का उदाहरण है।
शिल्पगृह, शिल्पगेहवह भवन या स्थान जहाँ शिल्प का काम होता है — कार्यशाला, कारखाना।गाँव के शिल्पगृह में दस बुनकर एक साथ करघे पर काम करते हैं।
शिल्पविद्याशिल्प का ज्ञान या शास्त्र; कारीगरी सिखाने वाली विद्या।पहले शिल्पविद्या पिता से पुत्र को मिलती थी, अब उसके लिए संस्थान भी हैं।
शिल्पशाला, शिल्पालयशिल्प सिखाने या करने का स्थान — कार्यशाला, प्रशिक्षण-केंद्र।विद्यालय की शिल्पशाला में हमने मिट्टी के दीये बनाना सीखा।
शब्द बनने का नियम देखिए: ‘शिल्प’ के आगे जो शब्द जुड़ता है, वही बताता है कि नया शब्द किसके बारे में है — कार/ई (करने वाला), कला (काम), कौशल (निपुणता), गृह/शाला/आलय (स्थान), विद्या (ज्ञान)। यही रचना दूसरे शब्दों में भी चलती है: चित्रकार, चित्रकला, चित्रशाला। एक बार यह ढाँचा पकड़ लेने पर नया शब्द भी अर्थ बता देता है।
Check it yourself: शब्दकोश में इन शब्दों को ढूँढ़ते समय ध्यान दीजिए कि सब एक ही जगह मिलेंगे — ‘शि’ के अंतर्गत, ‘शिल्प’ के ठीक बाद। शब्दकोश अकारादि क्रम में चलता है, इसलिए जुड़े हुए शब्द पास-पास ही रहते हैं।
क्या यह उपयोगी रहा? त्रुटि बताएँ