मल्हार अध्याय 9 खोजबीन के लिए

अद्यतन2026-09-05

प्र1.
• हम होंगे कामयाब एक दिन • कल्पना जो सितारों में खो गई • सुनीता अंतरिक्ष में • ब्रह्माण्ड और पृथ्वी • हौसलों की उड़ान-मंगलयान
उत्तर

ये पाँच विषय पाठ के दो सिरों को आगे बढ़ाते हैं — एक सिरा ब्रह्मांड का, दूसरा साथ चलने का। खोजते समय हर विषय के साथ यह भी लिखिए कि उसका कविता से क्या रिश्ता है।

विषयक्या खोजेंकविता से रिश्ता
हम होंगे कामयाब एक दिनगीत का मूल अंग्रेज़ी रूप, गिरिजा कुमार माथुर का भावांतर, यह गीत किन आंदोलनों में गाया गयादीवारें गिराने और साथ चलने का भाव
कल्पना जो सितारों में खो गईकल्पना चावला — करनाल (हरियाणा) में जन्म, अंतरिक्ष में जाने वाली भारतीय मूल की पहली महिला; 2003 में कोलंबिया दुर्घटना‘अनगिन नक्षत्रों’ तक पहुँचने का मानवीय साहस
सुनीता अंतरिक्ष मेंसुनीता विलियम्स — अंतरिक्ष में लंबे समय तक रहने और अंतरिक्ष-चहलकदमी (स्पेसवॉक) के कीर्तिमानपृथ्वी को बाहर से देखने का अनुभव
ब्रह्माण्ड और पृथ्वीआकाशगंगा, सौरमंडल, प्रकाश-वर्ष का अर्थ; पृथ्वी सूर्य से कितनी दूर हैकविता की पूरी सीढ़ी — पृथ्वी से ब्रह्मांड तक
हौसलों की उड़ान-मंगलयानइसरो का मंगलयान (2013–14) — पहले ही प्रयास में मंगल की कक्षा में पहुँचने वाला पहला देशछोटे साधनों से बड़ा काम — ‘अनुपात’ का सकारात्मक रूप
प्रस्तुति का सुझाव: पाँचों विषयों को एक ही चार्ट पर लगाइए और बीच में कविता की पंक्ति लिखिए — ‘यह है अनुपात / आदमी का विराट से’। चारों ओर के चित्र यह दिखाएँगे कि आदमी छोटा होकर भी विराट की ओर हाथ बढ़ाता रहा है।
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