प्र1.
• हम होंगे कामयाब एक दिन • कल्पना जो सितारों में खो गई • सुनीता अंतरिक्ष में • ब्रह्माण्ड और पृथ्वी • हौसलों की उड़ान-मंगलयान
उत्तर
ये पाँच विषय पाठ के दो सिरों को आगे बढ़ाते हैं — एक सिरा ब्रह्मांड का, दूसरा साथ चलने का। खोजते समय हर विषय के साथ यह भी लिखिए कि उसका कविता से क्या रिश्ता है।
| विषय | क्या खोजें | कविता से रिश्ता |
|---|---|---|
| हम होंगे कामयाब एक दिन | गीत का मूल अंग्रेज़ी रूप, गिरिजा कुमार माथुर का भावांतर, यह गीत किन आंदोलनों में गाया गया | दीवारें गिराने और साथ चलने का भाव |
| कल्पना जो सितारों में खो गई | कल्पना चावला — करनाल (हरियाणा) में जन्म, अंतरिक्ष में जाने वाली भारतीय मूल की पहली महिला; 2003 में कोलंबिया दुर्घटना | ‘अनगिन नक्षत्रों’ तक पहुँचने का मानवीय साहस |
| सुनीता अंतरिक्ष में | सुनीता विलियम्स — अंतरिक्ष में लंबे समय तक रहने और अंतरिक्ष-चहलकदमी (स्पेसवॉक) के कीर्तिमान | पृथ्वी को बाहर से देखने का अनुभव |
| ब्रह्माण्ड और पृथ्वी | आकाशगंगा, सौरमंडल, प्रकाश-वर्ष का अर्थ; पृथ्वी सूर्य से कितनी दूर है | कविता की पूरी सीढ़ी — पृथ्वी से ब्रह्मांड तक |
| हौसलों की उड़ान-मंगलयान | इसरो का मंगलयान (2013–14) — पहले ही प्रयास में मंगल की कक्षा में पहुँचने वाला पहला देश | छोटे साधनों से बड़ा काम — ‘अनुपात’ का सकारात्मक रूप |
प्रस्तुति का सुझाव: पाँचों विषयों को एक ही चार्ट पर लगाइए और बीच में कविता की पंक्ति लिखिए — ‘यह है अनुपात / आदमी का विराट से’। चारों ओर के चित्र यह दिखाएँगे कि आदमी छोटा होकर भी विराट की ओर हाथ बढ़ाता रहा है।