प्र1.
गिरिजा कुमार माथुर की अन्य रचनाएँ पुस्तकालय या इंटरनेट पर खोजकर पढ़िए और कक्षा में साझा कीजिए।
उत्तर
कहाँ से शुरू करें — ‘कवि से परिचय’ में उनकी जो कृतियाँ गिनाई गई हैं, वे सबसे अच्छा आरंभ हैं —
- मंजीर — उनका आरंभिक काव्य-संग्रह।
- नाश और निर्माण
- धूप के धान
- शिलापंख चमकीले
- मैं वक्त के हूँ सामने
- ‘होंगे कामयाब’ — प्रसिद्ध भावांतर गीत, जो इसी पाठ में ‘झरोखे से’ के अंतर्गत दिया गया है।
कक्षा में साझा करने का ढंग —
- एक कविता चुनिए और उसकी दो-तीन पंक्तियाँ सबको सुनाइए — कविता पढ़कर सुनाने से ही उसकी लय पकड़ में आती है।
- बताइए कि उसमें कौन-सा भाव है और कौन-सा शब्द या बिंब आपको सबसे अच्छा लगा।
- अंत में यह जोड़िए कि उस कविता की ‘आदमी का अनुपात’ से क्या समानता या भिन्नता दिखी — विषय की, शिल्प की या स्वर की।
सुझाव: पुस्तकालय के अलावा भारतीय साहित्य के डिजिटल संग्रह और आकाशवाणी के अभिलेख भी काम आ सकते हैं — गिरिजा कुमार माथुर स्वयं आकाशवाणी में कई महत्वपूर्ण पदों पर रहे थे।