मल्हार अध्याय 9 संख्यातीत शंख

अद्यतन2026-09-05

प्र1.
तालिका के आधार पर नीचे दिए गए प्रश्नों के उत्तर खोजिए — 1. जिस संख्या में 15 शून्य होते हैं, उसे क्या कहते हैं?
उत्तर

उसे पद्म कहते हैं।

पद्म = 1,00,00,00,00,00,00,000
= 1 के आगे 15 शून्य
= 1015
पहचानने का नियम: तालिका के तीसरे स्तंभ में जो घातांक है, वही शून्यों की संख्या है। 1015 का अर्थ ही है — 1 के बाद 15 शून्य।
प्र2.
2. महाशंख में कितने शून्य होते हैं?
उत्तर

19 शून्य।

महाशंख = 1,00,00,00,00,00,00,00,00,000
= 1019 → 1 के आगे 19 शून्य
ध्यान दीजिए: तालिका में महाशंख सबसे बड़ी संख्या है और वही अंतिम पंक्ति में है।
प्र3.
3. एक लाख में कितने हजार होते हैं?
उत्तर

100 हजार।

एक लाख = 1,00,000 = 105
एक हजार = 1,000 = 103
1,00,000 ÷ 1,000 = 100
घातांक से जाँच: 105 ÷ 103 = 105−3 = 102 = 100। दो शून्यों का अंतर, इसलिए सौ गुना।
प्र4.
4. उपर्युक्त तालिका के अनुसार सबसे छोटी और सबसे बड़ी संख्या कौन-सी है?
उत्तर

सबसे छोटी — एक (इकाई) = 1 = 100
सबसे बड़ी — महाशंख = 1019

दोनों का अंतर कितना बड़ा है: महाशंख, एक से पूरे 1019 गुना बड़ा है। कविता की पंक्ति ‘संख्यातीत शंख सी दीवारें उठाता है’ इसी पैमाने का सहारा लेती है — शंख (1017) जितनी दीवारें बनाना असंभव है, और यही असंभवता अतिशयोक्ति को जन्म देती है।
प्र5.
5. दस करोड़ और एक अरब को जोड़ने पर कौन-सी संख्या आएगी?
उत्तर

उत्तर — 1,10,00,00,000, अर्थात एक अरब दस करोड़

दस करोड़ = 10,00,00,000 = 108
एक अरब = 1,00,00,00,000 = 109
10,00,00,000 + 1,00,00,00,000
= 1,10,00,00,000 (एक अरब दस करोड़)
जाँच: एक अरब = दस करोड़ × 10। इसलिए जोड़ = दस करोड़ × (10 + 1) = दस करोड़ × 11 = 1,10,00,00,000। दोनों तरीक़ों से एक ही उत्तर मिलता है।
ध्यान रखिए: यह भारतीय संख्या प्रणाली है, इसलिए अंक इस क्रम में लगते हैं — 1,10,00,00,000 (पहले तीन अंक, फिर दो-दो के जोड़े)।
क्या यह उपयोगी रहा? त्रुटि बताएँ