प्र1.
(क) कविता में कमरे से लेकर ब्रह्मांड तक का विस्तार दिखाया गया है। इस क्रम को अपनी तरह से एक रेखाचित्र, सीढ़ी या ‘मानसिक-चित्रण’ (माइंड-मैप) द्वारा प्रदर्शित कीजिए। प्रत्येक स्तर पर कुछ विशेषताएँ लिखिए, जैसे— पास-पड़ोस की एक विशेष बात, नगर का कोई स्थान, देश की विविधता आदि। उसके नीचे एक पंक्ति में इस प्रश्न का उत्तर लिखिए— “मैं इस चित्र में कहाँ हूँ और क्यों?”
उत्तर
सीढ़ी बनाइए और उसे नीचे से ऊपर चढ़ाइए। कविता का क्रम बिलकुल यही है —
| स्तर | कविता की पंक्ति | आप क्या लिखेंगे (उदाहरण) |
|---|---|---|
| 1. व्यक्ति | दो व्यक्ति कमरे में / कमरे से छोटे | मेरा नाम, मेरी उम्र, मुझे क्या अच्छा लगता है |
| 2. कमरा | कमरा है घर में | पढ़ने की मेज़, खिड़की से दिखने वाला पेड़ |
| 3. घर | घर है मुहल्ले में | दादी की कहानियाँ, रसोई की गंध |
| 4. मुहल्ला | मुहल्ला नगर में | नुक्कड़ की दुकान, खेल का मैदान, त्योहार पर सजती गली |
| 5. नगर | नगर है प्रदेश में | बस अड्डा, पुस्तकालय, नदी का घाट |
| 6. प्रदेश | प्रदेश कई देश में | प्रदेश की बोली, लोकनृत्य, फ़सल |
| 7. देश | देश कई पृथ्वी पर | अनेक भाषाएँ, अनेक ऋतुएँ, अनेक त्योहार — एक संविधान |
| 8. पृथ्वी | अनगिन नक्षत्रों में / पृथ्वी एक छोटी | एकमात्र ग्रह जहाँ पानी, हवा और जीवन है |
| 9. नक्षत्र / नभ गंगा | सबको समेटे है / परिधि नभ गंगा की | करोड़ों तारे, सूर्य उनमें एक साधारण तारा |
| 10. ब्रह्मांड | लाखों ब्रह्मांडों में / अपना एक ब्रह्मांड | जिसका छोर आज तक किसी ने नहीं देखा |
नमूना अंतिम पंक्ति: “मैं इस चित्र में सबसे नीचे की सीढ़ी पर हूँ — क्योंकि आकार में मैं सबसे छोटा हूँ; पर यही एकमात्र सीढ़ी है जिस पर मैं कुछ बदल सकता हूँ, इसलिए चित्र यहीं से शुरू होता है।”
बनाते समय ध्यान रखिए: हर ऊपर वाला खाना नीचे वाले को अपने भीतर दिखाए (एक डिब्बे में डिब्बा), केवल बगल में नहीं। कविता की पूरी बनावट इसी ‘भीतर’ पर टिकी है — इसीलिए लगभग हर पंक्ति ‘में’ पर खत्म होती है।