मल्हार अध्याय 9 विशेषण और विशेष्य

अद्यतन2026-09-05

प्र1.
अब आप नीचे दी गई पंक्तियों में विशेषण और विशेष्य शब्दों को पहचानकर लिखिए — 1. दो व्यक्ति कमरे में 2. अनगिन नक्षत्रों में 3. लाखों ब्रह्मांडों में 4. अपना एक ब्रह्मांड 5. संख्यातीत शंख सी 6. एक कमरे में 7. दो दुनिया रचाता है
उत्तर

जो शब्द विशेषता बताए वह विशेषण, और जिसकी विशेषता बताई जाए वह विशेष्य (वह सदा संज्ञा होती है)।

क्रमपंक्तिविशेषणविशेष्यविशेषण का भेद
1.दो व्यक्ति कमरे मेंदोव्यक्तिनिश्चित संख्यावाचक
2.अनगिन नक्षत्रों मेंअनगिननक्षत्रोंअनिश्चित संख्यावाचक
3.लाखों ब्रह्मांडों मेंलाखोंब्रह्मांडोंअनिश्चित संख्यावाचक
4.अपना एक ब्रह्मांडअपना, एकब्रह्मांड‘अपना’ सार्वनामिक, ‘एक’ निश्चित संख्यावाचक
5.संख्यातीत शंख सीसंख्यातीतशंखअनिश्चित संख्यावाचक
6.एक कमरे मेंएककमरेनिश्चित संख्यावाचक
7.दो दुनिया रचाता हैदोदुनियानिश्चित संख्यावाचक
पाँचवीं पंक्ति पर ध्यान: पूरी पंक्ति है — ‘संख्यातीत शंख सी दीवारें उठाता है’। यहाँ ‘संख्यातीत’ ‘शंख’ की विशेषता बता रहा है, और फिर पूरा वाक्यांश ‘संख्यातीत शंख सी’ मिलकर ‘दीवारें’ का विशेषण बन जाता है। यानी एक विशेषण के भीतर दूसरा विशेषण — इसी से पंक्ति में अतिशयोक्ति का असर दुगना हो जाता है।
देखने लायक बात: इस पूरी कविता के लगभग सारे विशेषण संख्यावाचक हैं — दो, एक, अनगिन, लाखों, करोड़ों, कितनी ही, संख्यातीत। रंग, स्वाद या गुण बताने वाला कोई विशेषण यहाँ है ही नहीं। कारण साफ़ है — कविता का विषय ही आकार और गिनती है, यानी अनुपात
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