प्र1.
कौन-से अनवीकरणीय संसाधन हैं जिनका आप प्रतिदिन प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से उपयोग करते हैं? उनके संभावित नवीकरणीय विकल्प क्या हैं? नवीकरणीय ऊर्जा की ओर अग्रसर होने के लिए हम कौन-से उपाय कर सकते हैं?
उत्तर
इनमें से अधिकांश हम तक अप्रत्यक्ष रूप से पहुँचते हैं — बिजली, परिवहन और निर्मित वस्तुओं के माध्यम से — इसीलिए उन पर ध्यान नहीं जाता।
| अनवीकरणीय संसाधन | आप इसे प्रतिदिन कैसे उपयोग करते हैं | संभावित नवीकरणीय विकल्प |
|---|---|---|
| कोयला | अप्रत्यक्ष रूप से — बत्ती, पंखे, पंप और फ़ोन चार्ज करने की अधिकांश बिजली; इस्पात निर्माण भी | सौर, पवन और जल विद्युत; इस्पात में हाइड्रोजन या विद्युत आधारित विधियाँ |
| पेट्रोलियम (पेट्रोल, डीज़ल) | प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष — विद्यालय की बस या ऑटो, बाज़ार तक आया सामान, डीज़ल पंप और जनरेटर | नवीकरणीय बिजली से चलने वाले विद्युत वाहन; साइकिल और पैदल चलना; अनेक छोटे वाहनों के स्थान पर बस और रेल; जैव-ईंधन |
| एल.पी.जी. / प्राकृतिक गैस | घर में खाना पकाना | गोबर और रसोई के कचरे से बायोगैस; सौर कुकर; बेहतर चूल्हे; नवीकरणीय बिजली पर इंडक्शन |
| लोहा और इस्पात | साइकिल, बर्तन, टोंटी, विद्यालय का गेट, दीवारों का सरिया | कोई वास्तविक विकल्प नहीं — इसलिए स्क्रैप का पुनर्चक्रण, और ऐसी वस्तुएँ बनाना जो टिकें और मरम्मत हो सकें |
| ऐलुमिनियम (बॉक्साइट से) | पन्नी, डिब्बे, खिड़की के फ्रेम, बर्तन | पुनर्चक्रित ऐलुमिनियम, जिसमें नई धातु की तुलना में बहुत कम ऊर्जा लगती है |
| ताँबा | घर की हर तार और आपका चार्जर | पुरानी वायरिंग और इलेक्ट्रॉनिक कचरे से पुनःप्राप्ति |
| चूना-पत्थर (सीमेंट) | वह भवन जिसमें आप बैठे हैं | पृष्ठ 15 की अध्याय की अपनी सूची — पारंपरिक पत्थर और मृदा, नई वनस्पति-आधारित सामग्रियाँ, व्यर्थ प्लास्टिक से पुनर्निर्मित सामग्री |
| प्लास्टिक (पेट्रोलियम से) | बोतल, थैली, कलम, कमीज़ का बटन | कपड़ा, जूट, कागज़, इस्पात और काँच के पात्र; पुनः खरीदने के स्थान पर पुनः भरवाना |
| भूजल | पीने और धोने के लिए — यह धीरे नवीकृत होता है, और पुनर्भरण से अधिक निकाल लेने पर व्यवहार में अनवीकरणीय हो जाता है | संचित वर्षा-जल, पुनरुद्धार किए गए तालाब-पोखर, उपचारित और पुनरुपयोग किया गया जल |
नवीकरणीय की ओर बढ़ने के उपाय —
- पहले उपयोग घटाइए। सबसे सस्ती ऊर्जा वह है जो खर्च ही न हो — बत्ती बुझाइए, दिन का प्रकाश काम में लाइए, उपकरणों की देखभाल कराइए, छोटी दूरी पैदल तय कीजिए। जो उपभोग ही नहीं हुआ, उसका विकल्प भी नहीं ढूँढ़ना पड़ता।
- स्रोत बदलिए। पृष्ठ 17 का अध्याय का अपना सुझाव — यथासंभव अधिक-से-अधिक कार्यों के लिए नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों की ओर संक्रमण। विद्यालय या घर की छत पर सौर पैनल; सिंचाई के लिए सौर पंप; विद्युत गीज़र के स्थान पर सौर जल-तापक।
- जो ईंधन जलाता है उसे विद्युत पर लाइए, और फिर वह विद्युत नवीकरणीय स्रोतों से लीजिए — इसीलिए विद्युत बस उतनी ही सहायक है जितना उसके पीछे का ग्रिड स्वच्छ है।
- धातुओं का पुनर्चक्रण और सामग्री का पुनरुपयोग, जिससे वही ताँबा और ऐलुमिनियम एक बार के स्थान पर दस बार काम आए।
- सीमेंट कम प्रयोग करके निर्माण — अध्याय द्वारा बताए गए विकल्पों से : पत्थर, मृदा, वनस्पति-आधारित और पुनर्निर्मित सामग्री।
- बड़े स्तर पर भी कार्य। कोई एक परिवार सौर पार्क नहीं बना सकता; इसीलिए अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन (पृष्ठ 18) महत्वपूर्ण है — साझा वित्त और तकनीकी विशेषज्ञता ही सूर्य की रोशनी से समृद्ध देशों को वास्तव में यह परिवर्तन करने देते हैं।
यह संक्रमण तत्काल क्यों नहीं हो सकता: अध्याय यहाँ यथार्थवादी है। जनसंख्या वृद्धि और विकास कार्यों में तीव्रता के साथ बिजली की माँग बढ़ रही है और उसे अब भी कोयला पूरा कर रहा है, जबकि भारत का भंडार लगभग 50 वर्ष का अनुमानित है। इसलिए कार्य दोहरा है — जो है उसका विवेकपूर्ण उपयोग ताकि वह पर्याप्त समय चले, और उसके समाप्त होने से पहले वह नवीकरणीय क्षमता खड़ी कर लेना जो उसकी जगह लेगी।