अन्वेषण अध्याय 1 प्राकृतिक संसाधन एवं उनका उपयोग के लिए एनसीईआरटी समाधान

अद्यतन 2026-09-05

इस अध्याय के बारे में

प्रकृति का कोई तत्व तभी संसाधन बनता है जब मानव वास्तव में उसका उपयोग कर सके। अध्याय तीन शर्तें रखता है — वह तकनीकी रूप से सुलभ हो, उसका दोहन आर्थिक रूप से व्यवहार्य हो और वह सांस्कृतिक रूप से स्वीकार्य हो। इसीलिए समुद्र की अत्यधिक गहराई में स्थित खनिज तेल या पवित्र उपवनों के वृक्ष संसाधन नहीं कहलाते। संसाधनों का वर्गीकरण एक से अधिक प्रकार से हो सकता है। उपयोग के आधार पर — जीवन के लिए आवश्यक संसाधन (वायु, जल, मृदा), सामग्री के लिए संसाधन (लकड़ी, संगमरमर, कोयला, सोना) तथा ऊर्जा के लिए संसाधन (कोयला, जल, खनिज तेल, प्राकृतिक गैस, सूर्य का प्रकाश, पवन)। नवीकरणीयता के आधार पर — नवीकरणीय और अनवीकरणीय। प्रकृति पुनर्स्थापन (मूल स्वस्थ अवस्था में लौटना) और पुनर्जनन (नवजीवन की रचना) से कार्य करती है, ऐसे चक्रों में जहाँ कुछ भी अपशिष्ट नहीं होता। कोई संसाधन तभी तक नवीकरणीय है जब तक यह लय बाधित न हो —

  1. महत्वपूर्ण प्रश्न
  2. इसे अनदेखा न करें
  3. आइए विचार करें
  4. आइए विचार करें
  5. इसे अनदेखा न करें
  6. आइए पता लगाएँ
  7. आइए पता लगाएँ
  8. आइए पता लगाएँ
  9. आइए पता लगाएँ
  10. आइए पता लगाएँ
  11. आइए पता लगाएँ
  12. आइए पता लगाएँ
  13. पाठ्य प्रश्न
  14. प्रश्न और क्रियाकलाप
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