दो स्तंभों में काम कीजिए — पहले कार्यकलाप, फिर उसका उत्तर देने वाला हस्तक्षेप। अच्छा उत्तर वही है जिसमें वे बातें हों जिन्हें आप विद्यालय जाते समय उँगली रखकर दिखा सकें।
| पुनर्स्थापन रोकने वाला कार्यकलाप | प्रकृति स्वयं क्यों नहीं उबर पाती | हस्तक्षेप |
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| बिना उपचार का मल-जल और औद्योगिक अपशिष्ट नाले या नदी में छोड़ना | यह अपशिष्ट सड़-गलकर किसी जीव का भोजन नहीं बन पाता; चक्र टूट जाता है और जल विषाक्त हो जाता है (पृष्ठ 7) | प्रवाहित करने से पहले उपचार; मानकों का पालन; जल-निकाय का पुनरुद्धार और प्रति माह गुणवत्ता की जाँच |
| प्लास्टिक और पैकेजिंग खुले मैदान या नालियों में फेंकना | यह अपघटित नहीं होता, नालियाँ रोकता है और वर्षा-जल को रिसने नहीं देता | कचरे का पृथक्करण, एकल-उपयोग प्लास्टिक में कमी, गीले भाग की कम्पोस्टिंग, सूखे का पुनर्चक्रण |
| हर खुली सतह — आँगन, पगडंडी, खेल का मैदान — पर सीमेंट डाल देना | वर्षा-जल रिसने के स्थान पर बह जाता है; भूजल स्तर लगातार गिरता है | छत का वर्षा-जल संचयन; पुनर्भरण गड्ढे; जल रिसने देने वाली फ़र्श; तालाबों और पोखरों का पुनरुद्धार |
| सिंचाई के लिए नलकूपों से अत्यधिक पंपिंग, टोंटियों और पाइपों का रिसाव | दोहन पुनर्भरण से आगे निकल जाता है और कमी वर्ष-दर-वर्ष बढ़ती है (पृष्ठ 12) | टपक और फुहार सिंचाई; स्थानीय वर्षा के अनुरूप फसलें; रिसाव की मरम्मत; उपचारित जल का पुनरुपयोग |
| निर्माण के लिए वृक्षों की कटाई; उपवन साफ़ करना | आवास, छाया, मृदा की पकड़ और जल-शोधन — सब एक साथ चले जाते हैं | मूल प्रजातियाँ लगाना — अध्याय पृष्ठ 5 पर स्पष्ट है कि वहाँ मूल रूप से उगने वाले वृक्ष लगाने से ही पारिस्थितिकी तंत्र का पुनर्स्थापन होता है |
| फसल-अवशेष और कूड़ा जलाना | जो जैविक पदार्थ मृदा को लौटना था वह प्रदूषण बनकर वायु में चला जाता है | अवशेष की कम्पोस्टिंग या पलवार; चारे या बायोगैस में उपयोग |
| रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों का भारी या बार-बार उपयोग | मृदा क्षीण होती है; रसायन भूजल में घुल जाते हैं (पृष्ठ 12–13) | गोबर और प्राकृतिक उर्वरक, पलवार, बहु-फसलीकरण, नीम जैसे प्राकृतिक कीट-निरोधक |
| नदी-तल से बालू खनन; बाढ़-क्षेत्र या आर्द्रभूमि पर निर्माण | नदी जल को रोकने, स्वच्छ करने और जलभृत भरने की क्षमता खो देती है | खनन का नियमन; बाढ़-क्षेत्रों को निर्माण से मुक्त रखना; आर्द्रभूमियों का संरक्षण |
नमूना उत्तर: ‘हमारे मोहल्ले में बाज़ार के पीछे का नाला बिना उपचार का गंदा पानी नहर में ले जाता है, खाली प्लॉट में प्लास्टिक फेंका और जलाया जाता है, और हमारी गली का हर आँगन सीमेंट से ढका है। परिणाम यह है कि नहर का पानी काला है और उसमें मछली नहीं, धुआँ हमारी कक्षाओं तक आता है, और हमारे हैंडपंप को अब तीन वर्ष पहले की तुलना में कहीं अधिक चलाना पड़ता है। हमने वार्ड कार्यालय को तीन सुझाव दिए — बाज़ार के लिए ढका हुआ कम्पोस्ट गड्ढा और सूखे कचरे का अलग संग्रह, चारों नुक्कड़ों पर पुनर्भरण गड्ढे, और नहर के किनारे नीम, पीपल तथा जामुन की पंक्ति, जिसमें हर कक्षा दो वर्ष तक दस पौधों को सींचने की ज़िम्मेदारी ले।’