प्र1.
हमने ऊपर देखा कि दिल्ली के सुल्तानों का औसत शासनकाल लगभग नौ वर्ष था। यह आँकड़ा मुगल सम्राटों के विषय में औरंगजेब तक 27 वर्ष का हो जाता है और यदि हम 19वीं शताब्दी में साम्राज्य के अंत तक के सभी मुगल शासकों को सम्मिलित करें तो 16 वर्ष सभी के शासनकाल का औसत था। शासन के वर्षों की इन संख्याओं से आप क्या निष्कर्ष निकालते हैं?
उत्तर
पहले तीनों आँकड़े साथ रखिए —
दिल्ली के सुल्तान — औसत शासनकाल लगभग 9 वर्ष
औरंगजेब तक के मुगल सम्राट — औसत 27 वर्ष
19वीं शताब्दी में साम्राज्य के अंत तक सभी मुगल शासक — 16 वर्ष
अर्थात औरंगजेब तक के मुगल औसतन एक सुल्तान से लगभग तीन गुना समय टिके।
औरंगजेब तक के मुगल सम्राट — औसत 27 वर्ष
19वीं शताब्दी में साम्राज्य के अंत तक सभी मुगल शासक — 16 वर्ष
अर्थात औरंगजेब तक के मुगल औसतन एक सुल्तान से लगभग तीन गुना समय टिके।
बीच वाला आँकड़ा आप स्वयं जाँच सकते हैं। बाबर से औरंगजेब तक छह शासक हैं और 1526 से 1707 तक 181 वर्ष होते हैं। किंतु इनमें से लगभग 15 वर्ष हुमायूँ के हाथ से सिंहासन निकला रहा, जब शेरशाह सूरी का सूर साम्राज्य था — अर्थात मुगलों ने दिल्ली पर लगभग 166 वर्ष ही शासन किया, और 166 ÷ 6 ≈ 27, जो ठीक पुस्तक का आँकड़ा है।
इन संख्याओं से क्या निकलता है —
- नौ वर्ष का औसत बताता है कि सल्तनत में उत्तराधिकार का कोई स्थिर नियम नहीं था। अध्याय कारण भी देता है: लगभग तीन में से दो सुल्तानों ने अपने पूर्ववर्ती को हटाकर सत्ता हथियाई। बल से लिया गया सिंहासन औसतन इतने ही समय तक टिकता था, जब तक कोई और उसी विधि से उसे न ले ले।
- सत्ताईस वर्ष एक भिन्न प्रकार का शासन संभव बनाते हैं। टोडरमल का संपूर्ण साम्राज्य का भूमि-सर्वेक्षण, बारह सूबों की व्यवस्था, नियमित निरीक्षण वाली मनसबदारी, और संस्कृत ग्रंथों का अनुवाद — इनमें से कोई भी नौ वर्ष में फल नहीं देता। शासनकाल की लंबाई केवल भाग्य नहीं, प्रशासन की पूर्व-शर्त है।
- 27 से 16 पर आ जाना पतन का आकार है। 1707 के बाद के शासकों को जोड़ते ही औसत ग्यारह वर्ष गिर जाता है, अर्थात बाद के मुगल अल्पकालिक रहे। यह अध्याय के इस कथन से मेल खाता है कि 1707 में औरंगजेब की मृत्यु के बाद मुगल शक्ति का “तेजी से पतन” हुआ।
किंतु औसत में बहुत अधिक गुण मत पढ़िए। लंबा शासनकाल शांत शासनकाल नहीं होता। औरंगजेब के अपने 49 वर्ष इस प्रकार आरंभ हुए: उसने बड़े भाई दारा शिकोह को कई युद्धों में पराजित कर उसकी हत्या की और उसका मस्तक पिता के समक्ष प्रस्तुत किया; एक अन्य भाई को बंदी बनाकर मृत्युदंड दिया, तीसरे को निर्वासन में भेजा, और अपने पिता शाहजहाँ को आगरा के किले में मृत्यु तक बंदी रखा। मुगल उत्तराधिकार सल्तनत जितना ही हिंसक था — अंतर केवल यह कि विजेता फिर टिक जाता था।
औसत के प्रयोग पर सुझाव: औसत विस्तार को छिपा देता है। अकबर ने लगभग 50 वर्ष और औरंगजेब ने लगभग 49 वर्ष शासन किया; यदि छह में से दो शासक ही सौ वर्ष घेर लें, तो ‘सामान्य’ मुगल शासनकाल 27 वर्ष से कम रहा होगा। इतिहास में जब भी औसत मिले, पूछिए कि सबसे बड़ा और सबसे छोटा मान क्या था।