प्र1.
यदि आप भूतकाल में यात्रा करके छत्रपति शिवाजी से मिल सकें तो आप उनसे कौन-से तीन प्रश्न पूछेंगे और क्यों?
उत्तर
अच्छा उत्तर केवल तीन प्रश्न नहीं है — वे तीन प्रश्न हैं जिनका उत्तर केवल वे ही दे सकते थे, और प्रत्येक के साथ अध्याय से लिया गया कारण। ऐसे प्रश्न मत पूछिए जिनका उत्तर पुस्तक पहले ही दे चुकी है (‘आपका जन्म कब हुआ?’); निर्णयों, दुविधाओं और चुनावों के बारे में पूछिए, क्योंकि उन्हें कोई स्रोत दर्ज नहीं करता।
ऐतिहासिक प्रश्न अच्छा कब होता है: इतिहासकार क्या हुआ (जो स्रोत बता सकते हैं) और किसी ने वैसा करने का निर्णय क्यों लिया (जो स्रोत प्रायः नहीं बताते) में अंतर करते हैं। अभिलेख बताते हैं कि 1657 में नौसेना बनी; कोई अभिलेख यह नहीं बताता कि उन्हें यह व्यय उचित क्यों लगा। आपके प्रश्न इसी रिक्त स्थान में होने चाहिए।
नमूना उत्तर:
- ‘1657 में नौसेना बनाने का निर्णय आपने क्यों लिया, जबकि बीजापुर और मुगल दोनों पूर्णकालिक नौसेना को अनावश्यक मानते थे?’
क्यों पूछूँगा: अध्याय इसे ‘नितांत क्रांतिकारी कदम’ कहता है। बीजापुर के पास व्यापारी जहाज तो थे पर तटरक्षा के लिए कोई स्थायी नौसेना नहीं, और मुगलों में भी नौसेना का उपयोग अत्यंत सीमित था। अर्थात वे सीमित धन उस पर लगा रहे थे जिसे हर पड़ोसी शक्ति अनावश्यक मान चुकी थी। मैं जानना चाहूँगा कि क्या उन्होंने वही यूरोपीय सामुद्रिक खतरा पहले ही भाँप लिया था जिस पर 1715 में रामचंद्रपंत अमात्य ने लिखा। - ‘पुरंदर में आपको राज्य का बड़ा भाग छोड़ना पड़ा और पुत्र संभाजी को मुगल सेवा में भेजना पड़ा। आपने कैसे तय किया कि एक कठोर संधि हारे हुए युद्ध से बेहतर है?’
क्यों पूछूँगा: यह अध्याय का सबसे कठिन क्षण है — विजय नहीं, पराजय। कोई नेता कब लड़ना बंद करने का निर्णय लेता है, यह जानना उसकी किसी भी विजय से अधिक बताता है। यही वह निर्णय भी है जिसने उन्हें जीवित रखा, और नौ वर्ष बाद उनका राज्याभिषेक हुआ। - ‘आपने अधिकारियों को आदेश दिया था कि प्रजा से बलपूर्वक घास का एक तिनका भी न छीनें और किसान के आम-कटहल के वृक्ष न काटें। दूर-दूर तैनात अधिकारियों से आपने यह वास्तव में पलवाया कैसे?’
क्यों पूछूँगा: अच्छा आदेश देना सरल है, सैकड़ों दुर्गों तक उसे लागू कराना नहीं। अध्याय संकेत देता है — भूमि के स्थान पर कोष से वेतन, और समय-समय पर स्थानांतरण — पर मैं उन्हीं से सुनना चाहूँगा कि व्यवस्था यही थी, या निरीक्षण और दंड पर निर्भरता थी।
संकेत: कक्षा में अपने तीन प्रश्न साझा करते समय देखिए कि कितने सहपाठियों ने युद्धों के बारे में पूछा और कितनों ने शासन के बारे में। अध्याय प्रशासन पर लगभग उतना ही स्थान देता है जितना युद्ध पर — और प्रशासन ही वह वस्तु थी जिसने राज्य को उनके बाद 138 वर्ष तक चलाया।