प्र1.
लोकतंत्र और शासन विषय पर अपने पिछले अध्यायों से संसद के कुछ संवैधानिक कार्यों के नाम बताइए। क्या आपने राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति के निर्वाचन का उल्लेख किया? संविधान में संशोधन का क्या?
उत्तर
हाँ — ये दोनों इस सूची में आते हैं। जिन संवैधानिक कार्यों से आप पहले ही परिचित हैं, वे हैं—
- राष्ट्रपति का निर्वाचन। संसद के निर्वाचित सांसद, राज्यों की विधान सभाओं के निर्वाचित सदस्यों के साथ मिलकर वह निर्वाचक मंडल बनाते हैं जो राष्ट्रपति का चुनाव करता है।
- उपराष्ट्रपति का निर्वाचन, जो राज्यसभा के सभापति भी होते हैं।
- संविधान में संशोधन — अर्थात संविधान के मूल पाठ को ही बदलना या उसमें जोड़ना, जैसा 86वें संविधान संशोधन अधिनियम, 2002 द्वारा किया गया, जिसने अनुच्छेद 21(क) जोड़कर 6 से 14 वर्ष के बच्चों के लिए निःशुल्क और अनिवार्य शिक्षा को अधिकार बनाया।
इनके अतिरिक्त अध्याय कहता है कि संसद को प्रत्यक्ष रूप से भारतीय संविधान के मूल्यों की रक्षा का दायित्व सौंपा गया है, जिनमें सम्मिलित हैं—
- सार्वभौमिक वयस्क मताधिकार के माध्यम से संसदीय लोकतंत्र को सक्षम बनाना;
- विधायिका, कार्यपालिका और न्यायपालिका के बीच शक्तियों के पृथक्करण का पालन करना;
- संघीय व्यवस्था सुनिश्चित करना; और
- कानूनों और नीतियों का निर्माण कर मौलिक अधिकारों तथा राज्य के नीति-निदेशक तत्वों को कायम रखना।
ये ‘संवैधानिक’ कार्य क्यों कहलाते हैं: इनमें से प्रत्येक में संसद केवल कोई साधारण कानून नहीं बना रही होती — वह संविधान पर ही कार्य कर रही होती है : संविधान द्वारा सृजित सर्वोच्च पदों को भरना, संविधान के पाठ में परिवर्तन करना, या उसमें लिखे मूल्यों की रक्षा करना। इसीलिए अध्याय इन्हें साधारण कानून निर्माण से अलग रखता है। पुस्तक जोड़ती है कि कुछ अन्य महत्वपूर्ण संवैधानिक कार्य भी हैं, जिनका अध्ययन आप उच्च कक्षाओं में करेंगे।