प्र1.
(क) शूद्रकः कीदृशः राजा आसीत् ?
उत्तर
उत्तरम् — शूद्रकः महापराक्रमी नानाशास्त्रवित् पूतचरित्रः च महीपतिः आसीत्।
हिन्दी अर्थ: शूद्रक बहुत पराक्रमी, अनेक शास्त्रों का ज्ञाता और पवित्र चरित्र वाला राजा था। पाठ की पहली ही पंक्ति यह तीनों गुण एक साथ गिनाती है — “तत्र शूद्रको नाम महापराक्रमी नानाशास्त्रवित् पूतचरित्रः महीपतिः प्रतिवसति स्म।”
व्याकरण-सङ्केतः: तीनों पद महीपतिः के विशेषण हैं, इसलिए तीनों पुंलिङ्ग, प्रथमा विभक्ति, एकवचन में हैं। ‘कीदृशः’ का उत्तर सदा विशेषणों से दिया जाता है।