कक्षा ८ संस्कृत अध्याय 10 सन्निमित्ते वरं त्यागः (क-भागः) के लिए एनसीईआरटी समाधान
अद्यतन 2026-09-19
इस अध्याय के बारे में
पाठ का स्रोत और रूप — पाठ ‘हितोपदेशः’ से लिया गया है और यह गद्य तथा संवाद (नाट्य) दोनों में चलता है — कथावाचन के बीच-बीच में ‘राजा –’, ‘वीरवरः –’, ‘मन्त्री –’, ‘राजलक्ष्मीः –’ के संवाद और कोष्ठक में रङ्गसंकेत (जैसे स्वगतम् , तदालोक्य , साष्टाङ्गं नमस्कृत्य ) आते हैं। पाठ दो भागों में है; यह ‘क-भागः’ है, आगे की कथा ग्यारहवें पाठ (ख-भागः) में है। कथा का ढाँचा — शोभावती नगरी → महापराक्रमी, नानाशास्त्रवित्, पूतचरित्र राजा शूद्रक → आजीविका के लिए आया राजपुत्र वीरवर (साथ में पत्नी वेदरता, पुत्र शक्तिधर, कन्या वीरवती) → चार सौ स्वर्णमुद्रा प्रतिदिन का वेतन माँगना → राजा का ‘नैतच्छक्यम्’ → मन्त्रियों की सलाह से चार दिन की परीक्षा → कृष्णचतुर्दशी की आधी रात का क्रन्दन → राजलक्ष्मी का प्रकट होना और दुःसाध्य उपाय बताना। वीरवर का चरित्र — वह अपनी ‘सामग्री’ केवल ‘इमौ बाहू, एष खड्गश्च’ बताता है। वेतन का
त्वरित पुनरावृत्ति
| शब्दः | अर्थः (संस्कृतम्) | हिन्दी अर्थ | English |
|---|---|---|---|
| महीपतिः | भूपालः | राजा | King |
| महापराक्रमी | अतिबलशाली | बहुत बलवान् | Very brave |
| नानाशास्त्रवित् | अनेकेषां शास्त्राणां ज्ञाता | अनेक शास्त्रों का ज्ञाता | Who knows many shastras |
| पूतचरित्रः | पवित्रं चरित्रं यस्य | पवित्र चरित्र वाला | Of high character |
| वृत्त्यर्थम् | आजीविकां प्राप्तुम् | आजीविका पाने के लिए | To get livelihood |
| प्रतिहारम् / दौवारिकः | द्वारपालम् / द्वारपालकः | द्वारपाल (को) | (To the) door-keeper |
| वर्तनम् | वेतनम् | वेतन | Salary |
| सुवर्णशतचतुष्टयम् | चतुश्शतसंख्यकाः स्वर्णमुद्राः | चार सौ स्वर्णमुद्राएँ | Four hundred gold coins |
| उपपन्नम् | उपयुक्तम् / युक्तियुक्तम् | उपयुक्त, उचित | Appropriate, Suitable |
| धृतायुधः | शस्त्रयुक्तः | शस्त्र धारण किए हुए | Armed |
| अहर्निशम् | दिवसः रात्रिः च | दिन-रात | Day and Night |
| सूचिभेद्ये तिमिरे | गहने अन्धकारे | सघन अन्धकार में | In dense darkness |
| खड्गपाणिः | खड्गवान् जनः | खड्गधारी | One with sword |
| साष्टाङ्गं नमस्कृत्य | अष्टभिः अङ्गैः सह प्रणामं कृत्वा | आठों अंगों सहित प्रणाम करके | After bowing with eight parts |
| पञ्चत्वम् | मृत्युम् | मृत्यु को | To the death |
| प्रवृत्तिः | आचरणम् | आचरण | Follow-up |
| दुःसाध्या | काठिन्येन अनुपालनीया | कठिनाई से पालन करने योग्य | Difficult to be followed |
| सहासवदनेन | हास्य-युक्त-मुखेन | हँसते हुए मुख से | With a smiling face |
| तत्क्षणादेव | तत्कालम् | उसी क्षण | On the spot |
अभ्यास
- पाठे विद्यमानाः प्रश्नाः
- पाठे विद्यमानाः प्रश्नाः
- वयं शब्दार्थान् जानीमः
- अत्र इदम् अवधेयम्
- अभ्यासात् जायते सिद्धिः
- अभ्यासात् जायते सिद्धिः
- अभ्यासात् जायते सिद्धिः
- अभ्यासात् जायते सिद्धिः
- अभ्यासात् जायते सिद्धिः
- अभ्यासात् जायते सिद्धिः
- अभ्यासात् जायते सिद्धिः
- योग्यताविस्तरः
- योग्यताविस्तरः
- परियोजनाकार्यम्