प्र1.
मातृभाषया अर्थं लिखत — (प्रथमा सारणी, पृष्ठ 127; अन्तिमः स्तम्भः रिक्तः अस्ति, तत्र स्वमातृभाषया अर्थः लेखनीयः।)
उत्तर
यह अन्तिम स्तम्भ अपनी मातृभाषा में भरना है (हिन्दी, मराठी, बांग्ला, तमिल… जो भी आपकी हो)। नीचे हिन्दी-माध्यम के विद्यार्थियों के लिए पृष्ठ 127 की पूरी सारणी दी गई है — पहले पुस्तक का संस्कृत-पर्याय, फिर हिन्दी अर्थ और अंग्रेज़ी अर्थ।
| शब्दः | अर्थः (संस्कृतम्) | हिन्दी | English |
|---|---|---|---|
| आवासम् | गृहम् | घर | House |
| निद्रालसाम् | निद्राप्रभावेण आलस्ययुक्ताम् | नींद के कारण अलसाई हुई को | To the languishing due to sleepiness |
| दुहितरम् | पुत्रीम् | बेटी को | Daughter |
| अवर्णयत् | वर्णनम् अकरोत् | वर्णन किया | Described |
| सानन्दम् | प्रसन्नतया | प्रसन्नता के साथ | Happily |
| आह | अकथयत् | कहा | Said |
| विनियोगः | नियुक्तिः | नियुक्त (करना), लगाना | Utilisation |
| परमश्लाघ्यः | अत्यन्तं प्रशंसनीयः | परम प्रशंसा के योग्य | Most appreciable |
| उत्सृजेत् | त्यक्तव्यम् | त्यागना चाहिए | Should sacrifice |
| सन्निमित्ते | समुपयुक्ते कारणे | बहुत अच्छा कारण होने पर | Having good cause |
| वरम् | श्रेयस्करम् | प्रशंसनीय, अच्छा | Praiseworthy |
| ब्रवीति | वदति | कहता है | Says |
| आचरितव्यम् | आचरणीयम् | आचरण करना चाहिए | Should follow |
| निस्तारः | (ऋणाद्) विमुक्तिः | चुकाना, छुटकारा | Repay |
| आयतनम् | परिसरः | आँगन (मन्दिर-परिसर) | Courtyard |
| गृह्यताम् | स्वीकुरु | स्वीकार करो | Accept |
प्रयोगः (पाठात्): ‘स्वआवासं गत्वा’ (अपने घर जाकर) · ‘निद्रालसां पत्नीं … प्राबोधयत्’ · ‘अखिलराजलक्ष्मीसंवादं च अवर्णयत्’ · ‘(तच्छ्रुत्वा सानन्दम्)’ · ‘मम सर्वस्वविनियोगः परमश्लाघ्यः’ · ‘धनानि जीवितञ्चैव परार्थे प्राज्ञ उत्सृजेत्’ · ‘सन्निमित्ते वरं त्यागो’ · ‘गृहीतस्वामिवर्तनस्य कथं निस्तारो भवेत्’ · ‘सर्वमङ्गलाया आयतनं गताः’ · ‘गृह्यतामेष मद्दत्त उपहारः’।