प्र1.
(क) गानसहितपठनं पाठकानां दोषः भवति।
उत्तर
उत्तरम् — सत्यम्
क्यों: श्लोक ५ का पहला ही दोष ‘गीती’ है, जिसका अर्थ पुस्तक ने दिया है — ‘यः जनः गीतगानम् इव पठति’ अर्थात् जो गाकर पढ़ता है। गाकर पढ़ने पर अक्षर खिंच जाते हैं, पदच्छेद लय के हिसाब से पड़ता है — अर्थ के हिसाब से नहीं — और सुनने वाला भाव के बजाय धुन सुनने लगता है।