कक्षा ८ संस्कृत अध्याय 12 सम्यग्वर्णप्रयोगेण ब्रह्मलोके महीयते के लिए एनसीईआरटी समाधान
अद्यतन 2026-09-19
इस अध्याय के बारे में
पाठ का विषय और वेदाङ्ग-सम्बन्ध — यह पाठ ‘शिक्षा’ नामक वेदाङ्ग का विषय है। पुस्तक की ‘अत्र इदम् अवधेयम्’ पेटिका स्वयं कहती है — शिक्षाग्रन्थेषु वर्णानाम् उच्चारणविधिः, स्वराः, विरामः च वर्णिताः सन्ति। अर्थात् वर्ण का उच्चारण कैसे हो, स्वर कैसे लगें और कहाँ रुकना है — यही ‘शिक्षा’ पढ़ाती है, और यही इस पाठ के पाँचों श्लोकों का विषय है। पाठ की कथा (पृष्ठ 137) — देवराज इन्द्र और असुरराज वृत्रासुर की कथा। वृत्रासुर ने इन्द्र को जीतने के लिए यज्ञ कराया, जिसका आहुतिमन्त्र था — ‘इन्द्रशत्रुर्वर्धस्व’ । ऋत्विजों ने डरकर मन्त्र का स्वर बदल दिया ; स्वर बदलते ही अर्थ बदल गया और वृत्रासुर के स्थान पर इन्द्र का बल बढ़ गया। यही कथा पूरे पाठ की भूमिका है — उच्चारण की एक चूक अर्थ ही उलट देती है । पाठ के पाँच श्लोक — (१) यद्यपि बहु नाधीषे… व्याकरण अवश्य पढ़ो, नहीं तो स्वजनः (बन्धु) ‘ श्वजनः ’ (कुत्ता), सकलम्
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| शब्दः | अर्थः (संस्कृतम्) | हिन्दी अर्थ | English |
|---|---|---|---|
| अधीषे | पठसि | तुम पढ़ते हो | You read |
| श्वजनः | शुनकः / कुक्कुरः | कुत्ता | Dog |
| सकलम् / शकलम् | सम्पूर्णम् / खण्डम् | पूरा / टुकड़ा | Entire / Fragment |
| सकृत् / शकृत् | एकवारम् / मलम् | एक बार / विष्ठा | Once / Faeces |
| अव्यक्ताः | अस्पष्टाः (अल्पप्रयत्नयुक्ताः) | अस्पष्ट (आवश्यकता से कम प्रयत्न) | Unclear (less effort than needed) |
| पीडिताः | बाधिताः (अधिकप्रयत्नयुक्ताः) | पीड़ित (आवश्यकता से अधिक प्रयत्न) | Afflicted (more effort than needed) |
| महीयते | पूज्यते / सम्मानं लभते | सम्मानित होता है | Honoured / respected |
| व्याघ्री | शार्दूला (स्त्रीव्याघ्रः) | बाघिन | Tigress |
| दंष्ट्राभ्याम् | दन्ताभ्याम् | दाँतों से | With the fangs |
| प्रयोजयेत् | उच्चारणं / प्रयोगं कुर्यात् | उच्चारण / प्रयोग कर सकता है | May pronounce / apply |
| अक्षरव्यक्तिः | अक्षराणां स्फुटतया उच्चारणम् | अक्षर-स्पष्टता | Clarity of letters |
| धैर्यम् | विश्वासः | आत्मविश्वास | Courage / Self-Confidence |
| शिरःकम्पी | यः शिरः चालयन् पठति | सिर हिलाकर पढ़ने वाला | One who nods head and reads |
| अनर्थज्ञः | यः अर्थं न जानाति | जो अर्थ नहीं जानता | Who does not understand meaning |
| अल्पकण्ठः | दुर्बलध्वनियुक्तः | धीमे स्वर वाला | Weak-voiced |
अभ्यास
- चित्र-संवादः तथा कथा (पाठे विद्यमानाः प्रश्नाः)
- पाठः
- वयं शब्दार्थान् जानीमः
- अत्र इदम् अवधेयम्
- अभ्यासात् जायते सिद्धिः
- अभ्यासात् जायते सिद्धिः
- अभ्यासात् जायते सिद्धिः
- अभ्यासात् जायते सिद्धिः
- अभ्यासात् जायते सिद्धिः
- अभ्यासात् जायते सिद्धिः
- योग्यताविस्तरः
- योग्यताविस्तरः
- परियोजनाकार्यम्