दीपकम् अध्याय 12 वयं शब्दार्थान् जानीमः

अद्यतन2026-09-05

प्र1.
‘वयं शब्दार्थान् जानीमः’ — पृष्ठ 140–141 की पूरी शब्दार्थ-सारणी (शब्दः · अर्थः · हिन्दी · English)।
उत्तर

नीचे पुस्तक की दोनों पृष्ठों की सारणी ज्यों-की-त्यों दी गई है — पहले संस्कृत पर्याय, फिर हिन्दी और अंग्रेज़ी अर्थ।

शब्दःअर्थः (संस्कृतम्)हिन्दीEnglish
ऋत्विजःपुरोहिताःपुरोहितPriests
करतालम्करताडनध्वनिःतालीClap
अधीषेपठसितुम पढ़ते होYou read
श्वजनःशुनकः / कुक्कुरःकुत्ताDog
सकलम्सम्पूर्णम्पूराEntire
शकलम्खण्डम्टुकड़ाFragment
सकृत्एकवारम्एक बारOnce
शकृत्मलम्विष्ठा (मल)Faeces
अव्यक्ताःअस्पष्टाः (अल्पप्रयत्नयुक्ताः)अस्पष्ट (आवश्यकता से कम प्रयत्न करना)Unclear (Usage of less effort as supposed to be used)
पीडिताःबाधिताः (अधिकप्रयत्नयुक्ताः)पीड़ित (आवश्यकता से अधिक प्रयत्न से युक्त)Afflicted (Usage of more effort as supposed to be used)
महीयतेपूज्यते / सम्मानं लभतेसम्मानित होता हैHonoured / respected
व्याघ्रीशार्दूला (स्त्रीव्याघ्रः)बाघिनTigress
दंष्ट्राभ्याम्दन्ताभ्याम्दाँतों सेWith the fangs
पीडयेत्हिंसनं कुर्यात्कष्ट देMay cause pain
भीताभयेन पूरिताडरी हुईAfraid
प्रयोजयेत्उच्चारणं / प्रयोगं कुर्यात्उच्चारण / प्रयोग कर सकता हैMay pronounce / apply
माधुर्यम्मधुरभावःमिठास / माधुर्यSweetness
अक्षरव्यक्तिःअक्षराणां स्फुटतया उच्चारणम्अक्षर स्पष्टताClarity of letters
सुस्वरःशोभनः स्वरःमधुर स्वरPleasant voice
धैर्यम्विश्वासःआत्मविश्वासCourage / Self-Confidence
पाठकाःपठनसम्बन्धिनःपढ़ने से सम्बन्धितRelated to Reading
शीघ्रीयः वेगेन पठतितेज़ गति से पढ़ने वालाFast reader
शिरःकम्पीयः शिरः चालयन् पठतिसिर हिलाकर पढ़ने वालाOne who nods head and reads
अनर्थज्ञःयः अर्थं न जानातिजो अर्थ नहीं जानताWho does not understand meaning
अल्पकण्ठःदुर्बलध्वनियुक्तःधीमे स्वर वालाWeak-voiced
सबसे ज़रूरी दो पंक्तियाँ: इस पाठ की पूरी कसौटी सारणी की इन्हीं दो पंक्तियों में है — अव्यक्ताः = अल्पप्रयत्नयुक्ताः (ज़रूरत से कम प्रयत्न) और पीडिताः = अधिकप्रयत्नयुक्ताः (ज़रूरत से अधिक प्रयत्न)। श्लोक ३ इन्हीं दोनों को मना करता है — ‘नाव्यक्ता न च पीडिताः’। इन्हें रट लीजिए, पूरा पाठ खुल जाएगा।
प्रयोगः (पाठात्):ऋत्विजः मन्त्रे स्वरं परिवर्तितवन्तः’ · ‘यद्यपि बहु न अधीषे’ · ‘व्याघ्री यथा हरेत् पुत्रान् दंष्ट्राभ्यां न च पीडयेत्’ · ‘भीता पतनभेदाभ्यां तद्वद् वर्णान् प्रयोजयेत्’ · ‘सम्यग्वर्णप्रयोगेण ब्रह्मलोके महीयते’।
प्र2.
मातृभाषया अर्थं लिखत — (सारणी का अन्तिम स्तम्भ रिक्त है; वहाँ अपनी मातृभाषा में अर्थ लिखना है।)
उत्तर

यह स्तम्भ अपनी मातृभाषा में भरना है — हिन्दी, मराठी, बांग्ला, तमिल, गुजराती… जो भी आपकी हो। ऊपर प्रश्न 10 की सारणी में हिन्दी अर्थ पहले ही दे दिए गए हैं, इसलिए हिन्दी-माध्यम के विद्यार्थी वही उतार लें।

नमूना उत्तर (मराठी में) —

शब्दःहिन्दीमराठी (मातृभाषया)
श्वजनःकुत्ताकुत्रा
सकलम्पूरासंपूर्ण
शकलम्टुकड़ातुकडा
व्याघ्रीबाघिनवाघीण
भीताडरी हुईघाबरलेली
माधुर्यम्मिठासगोडवा
धैर्यम्आत्मविश्वासआत्मविश्वास
महीयतेसम्मानित होता हैसन्मानित होतो
करने का तरीका: पहले संस्कृत पर्याय (दूसरा स्तम्भ) पढ़िए, फिर हिन्दी अर्थ देखिए, और तब अपनी भाषा का वह शब्द ढूँढ़िए जो ठीक वही काम करता हो। शब्दकोश का पहला शब्द मत उठा लीजिए — जैसे ‘पीडिताः’ का अर्थ यहाँ ‘दुखी’ नहीं, बल्कि ‘ज़रूरत से अधिक ज़ोर लगाकर बोला गया’ है। सन्दर्भ ही सही अर्थ तय करता है।
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