प्र1.
(क) उरसि किं तन्त्रं भवति ?
उत्तर
उत्तरम् — वायु-बल-तन्त्रम्। (छाती में वायु-बल-तन्त्र होता है — Air-pressure System।)
आधार (पृष्ठ 146): ‘२. उरः (Chest — Lungs & Diaphragm) / वायु-बल-तन्त्रम् — (Air-pressure System)’। उरः में श्वासकोश (फेफड़े) और उरःप्राचीर (डायाफ्राम) हैं, जो वायु का दाब बनाकर उसे ऊपर भेजते हैं — इसलिए इसका तन्त्र ‘वायु-बल’ का तन्त्र कहलाता है।
व्याकरण: ‘उरसि’ सप्तमी विभक्ति, एकवचन, नपुंसकलिङ्ग (उरस् — सकारान्त नपुंसक) — अर्थ ‘छाती में’। उत्तर ‘तन्त्रम्’ प्रथमा एकवचन नपुंसकलिङ्ग है, क्योंकि प्रश्न में ‘किं तन्त्रं भवति’ पूछा गया है।