दीपकम् अध्याय 13 पारिभाषिक-शब्दार्थान् जानीमः

अद्यतन2026-09-05

प्र1.
‘शिक्षा’ तथा वाग्-उत्पत्ति से जुड़े पारिभाषिक शब्द (पृष्ठ 152) — शब्दः, अर्थः, हिन्दी तथा English सहित लिखिए।
उत्तर

पुस्तक की सारणी ज्यों-की-त्यों

शब्दःअर्थःहिन्दीEnglish
शिक्षावर्णोच्चारण-शास्त्रम्वर्णों के शुद्ध उच्चारण का विधान एवं विज्ञानPhonetics (& Phonology)
उच्चारणम्कथनम् / वाङ्-निष्पत्तिःकथनArticulation (Speech) / Pronunciation
ध्वनिःध्वानःध्वनिSound / Phonation / Resonation
शब्दःपदम्शब्दWord
वाक्यम्वचः / परस्परान्वित-पद-समूहःवाक्यSentence
वाक्वाणी / गीःवाणीSpeech / Spoken words
वर्णःशब्दस्य अवयवभूतः लघुतमः ध्वनिःवर्णLetter / Phoneme / Grapheme
आस्यम्शिरः / मस्तकम्मस्तकHead
मुखम्वक्त्रम् / वदनम्मुँहMouth / Oral cavity
नासिकानासानाक / नासिका-स्थानNose / Nasal cavity
कण्ठ-बिलम्स्वरयन्त्रम् / ध्वनियन्त्रम् / कण्ठ-कूपः / कुहरम्स्वरतन्त्री / घोषतन्त्रीVoice-box / Larynx [Vocal-cords]
गल-बिलम्अधो-ग्रसनीअधो-ग्रसनीLower Pharynx / Hypopharynx / Laryngopharynx
उरःवक्षःछातीChest
श्वासकोशःफुप्फुसःफेफड़ेLungs
नाभि-प्रदेशःतुन्दकूपी-क्षेत्रःनाभि-भागNavel-region / Abdominal Muscles
मांसपेश्यःस्नायवःस्नायुMuscles
बलम्प्रणोदः / अभिपीडनम्दबावPressure
तन्त्रम्प्रणालीप्रणाली(Anatomy) System / System (of Human Body)
दो शब्द जो अक्सर उलझते हैं: आस्यम् = मस्तक (Head), जबकि मुखम् = मुँह (Oral cavity)। और कण्ठ-बिलम् (Larynx, गले में नीचे) कण्ठः (उच्चारण-स्थान) से अलग है।
प्र2.
वर्णमाला तथा वर्ण-भेदों से जुड़े पारिभाषिक शब्द (पृष्ठ 152–153) — शब्दः, अर्थः, हिन्दी तथा English सहित लिखिए।
उत्तर
शब्दःअर्थःहिन्दीEnglish
वर्णमालावर्णानां क्रम-पूर्वक-व्यवस्थावर्णों की क्रम-पूर्वक व्यवस्थाAlphabet / Sequence of Letters
स्वरःअच् / अच्-वर्णःस्वर (स्वतन्त्र-वर्ण)Vowel [V]
अक्षरम्स्वरः, एक-स्वर-केन्द्रित-वर्ण-समूहः वास्वर या एक-स्वर-केन्द्रित-वर्ण-समूहSyllable
समानाक्षरम्सिम्सामान्य-स्वरSimple-Vowel / Monophthong [V]
सन्ध्यक्षरम्सन्धि-स्वरःसन्धि-स्वरCompound-Vowel / Diphthong [V]
व्यञ्जनम्हल्, हल्-वर्णःव्यञ्जनConsonant [C]
स्पर्शःवर्गीय-वर्णःस्पर्श-वर्णStop / Plosive [C], (Touch)
वर्गीयःस्पर्श-वर्णःवर्गीय-वर्णClass-Consonants / Grouped [C]
अन्तःस्थःवर्णमालायां स्पर्शानाम् ऊष्मणां च मध्ये स्थितः व्यञ्जन-वर्णःवर्णमाला में स्पर्श एवं ऊष्मा वर्णों के मध्य स्थित व्यञ्जन-वर्णGlide (Situated In-between)
अर्ध-स्वरःस्वरस्य किञ्चिद्-गुण-सदृशः व्यञ्जन-वर्णःस्वर के समान कुछ गुण वाले व्यञ्जन-वर्णSemivowel / Semiconsonant [C]
ऊष्मासंघर्षी / वायुप्रधानम्वाष्प / भाप निःसृत करने वाले संघर्षी वर्णFricative [C]; Sibilant (श, ष, स); Aspirate (ह)
अयोगवाहःसंयोगवाहः / प्रत्याहार-सूत्रेभ्यः बहिर्भूतः विशिष्टः व्यञ्जन-वर्णःमाहेश्वर-सूत्रों में अपठित विशिष्ट व्यञ्जन-वर्णAfter-sound [C]
अनुस्वारःस्वरानुगःबिन्दु / स्वर के बाद उच्चारित शुद्ध नासिक्य व्यञ्जन वर्ण [ ं ]Nasalised Resonant sound uttered after a Vowel [C]
विसर्गःविसर्जनीयःविसर्ग [ ः ]Released “h” like sound (ḥ) [C]
अनुनासिकःस्वस्थानेन सह नासिकया अपि उच्चारितः वर्णःचन्द्र-बिन्दु [ ँ ]Nasalised Letter
सानुनासिकःअनुनासिक-गुण-सहितःअनुनासिक गुण के सहितLetter with Nasalisation
निरनुनासिकःअनुनासिक-गुण-रहितःअनुनासिक गुण के रहितLetter without Nasalisation
संयुक्त-व्यञ्जनानिसंयोगःस्वर-रहित व्यञ्जनों का समूहConjunct Consonants [C]
अनुस्वार और अनुनासिक का भेद: अनुस्वारः [ ं ] स्वर के बाद बोला जाने वाला शुद्ध नासिक्य व्यञ्जन है — जैसे ‘अंशः’। अनुनासिकः [ ँ ] वह वर्ण है जो अपने स्थान के साथ-साथ नाक से भी बोला जाए — जैसे ‘हँसना’। पहला अलग वर्ण है, दूसरा उसी वर्ण का गुण।
प्र3.
‘स्थानम्’ से जुड़े पारिभाषिक शब्द (पृष्ठ 153–154) — कण्ठः से लेकर दन्त्योष्ठ्यः तक — सारणी-रूप में लिखिए।
उत्तर

पुस्तक इस खण्ड का शीर्षक-वाक्य देती है — स्थानम् = आस्ये उच्चारणस्य स्थलम् (मस्तक में उच्चारण का ‘स्थल’) — ‘Place’ of Articulation (in the head)

शब्दःअर्थःहिन्दीEnglish
कण्ठःगलः (जिह्वामूलः)गला / कण्ठ-स्थानThroat / Glottis / Soft Palate / Velum (Uvula, Upper-Pharynx / Oropharynx)
कण्ठ्यःकण्ठ-स्थानोत्पन्नः वर्णःकण्ठ-स्थान में उत्पन्न वर्णGuttural / Velar (Letter) (Uvular, Pharyngeal)
तालुतालुकम् / काकुदम्तालु-स्थानHard Palate
तालव्यःतालु-स्थानोत्पन्नः वर्णःतालु-स्थान में उत्पन्न वर्णPalatal (Letter)
मूर्धामूर्द्ध्वा / मूर्द्धामूर्धा-स्थानAlveolar Ridge
मूर्धन्यःमूर्ध-स्थानोत्पन्नः वर्णःमूर्धा-स्थान में उत्पन्न वर्णRetroflex / Alveolar / Cerebral
दन्तःरदनः / दशनःदाँत / दन्त-स्थान(Base of) Tooth
दन्त्यःदन्त-स्थानोत्पन्नः वर्णःदन्त-स्थान में उत्पन्न वर्णDental (Letter)
ओष्ठःदन्तवासः / दशनवासःहोंठ / ओष्ठ-स्थानLip
ओष्ठ्यःओष्ठ-स्थानोत्पन्नः वर्णःओष्ठ-स्थान में उत्पन्न वर्णLabial / Bilabial (Letter)
नासिक्यःनासा-स्थानोत्पन्नः वर्णःनासिका-स्थान में उत्पन्न वर्णNasal (Letter)
कण्ठ-तालव्यःकण्ठ-तालु-स्थानयोः उत्पन्नः वर्णःकण्ठ एवं तालु स्थानों में उत्पन्न वर्णVelar-palatal / Palato-velar
कण्ठौष्ठ्यःकण्ठ-ओष्ठ-स्थानयोः उत्पन्नः वर्णःकण्ठ एवं ओष्ठ स्थानों में उत्पन्न वर्णVelar-labial / Labio-velar
दन्त्योष्ठ्यःदन्त-ओष्ठ-स्थानयोः उत्पन्नः वर्णःदन्त एवं ओष्ठ स्थानों में उत्पन्न वर्णDento-labial / Labio-dental
बनाने का नियम: स्थान के नाम में ‘-य’ जोड़ने से उस स्थान से निकलने वाले वर्ण का नाम बनता है — कण्ठ → कण्ठ्य, तालु → तालव्य, मूर्धा → मूर्धन्य, दन्त → दन्त्य, ओष्ठ → ओष्ठ्य, नासिका → नासिक्य। परीक्षा में यही जोड़ी बार-बार पूछी जाती है।
प्र4.
‘करणम्’ से जुड़े पारिभाषिक शब्द (पृष्ठ 154) — उपकरणम् से स्वस्थानकरणः तक — सारणी-रूप में लिखिए।
उत्तर

पुस्तक इस खण्ड का शीर्षक-वाक्य देती है — करणम् = आस्ये उच्चारणस्य उपकरणम् (मस्तक में उच्चारण का ‘उपकरण’ या ‘यन्त्र’) — ‘Tool’ of Articulation (in the Head)

शब्दःअर्थःहिन्दीEnglish
उपकरणम्यन्त्रम्साधनTool
जिह्वारसनाजीभTongue
जिह्वा-मध्यःजिह्वायाः मध्यभागःजीभ का मध्य भागMiddle of Tongue
जिह्वा-उपाग्रःजिह्वाग्रात् किञ्चित् पूर्वभागःजीभ के अग्र भाग से थोड़ा पहले का भागNear Tip of Tongue
जिह्वा-अग्रःजिह्वायाः अग्रभागःजीभ का अग्र भागTip of Tongue
स्वस्थानकरणःनिजस्थानस्य पर-भागः एव करणं यस्य वर्णस्यजिस वर्ण का उच्चारण-स्थान का पर-भाग ही उसका करण होSuch letters where a part of the ‘Place’ of Articulation itself acts as the ‘Tool’ of Articulation
जिह्वा के तीन भाग एक क्रम में: जीभ की नोक से पीछे की ओर चलिए — अग्रः (नोक, दन्त्य वर्णों के लिए) → उपाग्रः (नोक से ज़रा पीछे, मूर्धन्य वर्णों के लिए) → मध्यः (बीच, तालव्य वर्णों के लिए)। और स्थान भी उसी क्रम में पीछे हटता है — दन्तः → मूर्धा → तालु। दोनों क्रम एक साथ चलते हैं — यही याद रखने की कुंजी है।
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