उत्तरम् — वर्णानाम् उच्चारणे केवलम् आस्यस्य एव उपयोगः न भवति; आस्येन सह शरीरस्य चत्वारि अङ्गानि उपयुज्यन्ते। (वर्णों के उच्चारण में केवल मुख का ही उपयोग नहीं होता; मुख के साथ शरीर के चार अङ्ग काम करते हैं।)
| क्रमः | अङ्गम् (संस्कृतम्) | तन्त्रम् | हिन्दी में | English |
|---|---|---|---|---|
| १. | नाभि-प्रदेशः | मांसपेशी-बल-तन्त्रम् | नाभि-भाग की मांसपेशियाँ — पेशी-दाब तन्त्र | Navel-region — Abdominal Muscles (Muscular-pressure System) |
| २. | उरः | वायु-बल-तन्त्रम् | छाती — फेफड़े और उरःप्राचीर (डायाफ्राम) — वायु-दाब तन्त्र | Chest — Lungs & Diaphragm (Air-pressure System) |
| ३. | कण्ठ-बिलः | ध्वनि-तन्त्रम् | स्वर-यन्त्र / स्वरतन्त्रियाँ — ध्वनि तन्त्र | Voice-box — Larynx / Vocal-cords (Phonatory & Resonatory System) |
| ४. | आस्यम् | उच्चारण-तन्त्रम् | मस्तक — मुख और नाक — उच्चारण तन्त्र | Head — Mouth & Nose (Articulatory System) |