दीपकम् अध्याय 2 वयं शब्दार्थान् जानीमः

अद्यतन2026-09-05

प्र1.
मातृभाषया अर्थं लिखत — (पाठे प्रदत्तायाः शब्दार्थ-सारिण्याः अन्तिमः स्तम्भः)
उत्तर

यह स्तम्भ आपको स्वयं भरना है — अपनी मातृभाषा में। नीचे पुस्तक के शब्द, उनका संस्कृत पर्याय, हिन्दी और अंग्रेज़ी अर्थ दिए हैं; अन्तिम स्तम्भ के लिए नमूना दिखाया गया है।

शब्दःअर्थः (संस्कृतम्)हिन्दीEnglish
भग्नःनष्टःटूट गयाBroke down
अक्रन्दन्रुदन्ति स्मरोयेThey cried
सविषादम्चिन्तापूर्वकम्विषादपूर्वकWith sadness
सम्भूयमिलित्वामिलकरTogether
तरुःवृक्षःपेड़Tree
व्याधःलुब्धकःबहेलियाHunter
तण्डुलकणान्तण्डुललवान्चावल के दानों कोRice grains
विकीर्यविकिरणं कृत्वाबिखेर करHaving scattered
विस्तीर्यविस्तृतं, विस्तरणं कृत्वाफैलाकरHaving spread
प्रच्छन्नःगुप्तःछिपा हुआStood secretly
चित्रग्रीवनामाचित्रग्रीवः नाम यस्यचित्रग्रीव नाम काNamed Chitragriva
प्रतीकारःप्रतिविधानम्उपायRemedy
अविचारितम्अचिन्तितम्बिना सोचा हुआNot thought of
अवतीर्यअवतरणं कृत्वा (नीचैः आगत्य)उतर करHaving descended
अवलोक्यदृष्ट्वादेखकरHaving seen
अप्रवर्तनम्अप्रवृत्तिःन लगना, प्रवृत्त न होनाNo inclination
प्रवृत्ताःनिरताःलगे हुएEngaged / engrossed
अवलम्ब्यआश्रित्यआश्रित होकरHaving depended on
एकचित्तीभूयएकमनसाएक चित्त होकरWith united mind
कापुरुषलक्षणम्कुत्सितपुरुषाणां चिह्नम्कायर पुरुषों का लक्षणSigns of a coward
तिरस्कुर्वन्तिअनादरं कुर्वन्तितिरस्कार करते हैंReject
विस्मयःआश्चर्यम्आश्चर्यAmazement
विक्रमःअतिपराक्रमःअत्यधिक शक्तियुक्त, पराक्रमValour
उत्पतिताःउड्डयनं कृतवन्तःउड़ गएFlew away
चिन्त्यताम्चिन्तनीयःचिन्तन करना चाहिए / सोचिएShould be thought
आलोच्यविचार्यअच्छी तरह विचार करHaving analysed
पाशान्बन्धनानिबन्धनों कोCaptivity
प्रत्यभिज्ञायज्ञात्वाजानकर, समझकरHaving recognized
त्वरयाशीघ्रम्शीघ्रHurriedly, quickly
निःसृत्यनिर्गत्यनिकल करComing out
मेमममेराMine
छिनत्तुछेदनं कुरुकाट दे(you) Cut
आकर्ण्यश्रुत्वासुनकरHaving heard
प्रहृष्टमनाःआनन्दितमनाःप्रसन्न मन वालाGleeful (person)
पुलकितःरोमाञ्चितःप्रफुल्लित होकरExcited
सत्वरम्त्वरया सहअति शीघ्रQuickly
उपसर्पतिसमीपम् आगच्छतिनिकट आता हैApproaches near
आश्रितवात्सल्येनशरणम् आगतानां कृते स्नेहभावेनशरण में आए हुओं के प्रति प्रेम सेAffection towards people who have taken shelter
आशङ्क्यशङ्कां कृत्वाशङ्का करकेHaving doubted
अवज्ञातिरस्कारःनिन्दाDisrespect
नमूना उत्तर (मातृभाषया अर्थः):
मराठी — व्याधः = पारधी, तरुः = झाड, सम्भूय = एकत्र येऊन
बाङ्ला — व्याधः = ব্যাধ, तरुः = গাছ, सम्भूय = একত্র হয়ে
तमिऴ् — व्याधः = வேடன், तरुः = மரம், सम्भूय = ஒன்றுசேர்ந்து
गुजराती — व्याधः = પારધી, तरुः = ઝાડ, सम्भूय = ભેગા મળીને
आप अपनी मातृभाषा का ठीक वही शब्द लिखिए जो आप घर में बोलते हैं — कोश का कठिन शब्द नहीं।
प्र2.
उपर्युक्तेषु शब्देषु ये पदानि ल्यप्-प्रत्ययान्तानि सन्ति तानि पृथक् लिखत, तेषां च प्रकृति-प्रत्ययविभागं दर्शयत ।
उत्तर

शब्दार्थ-सारिणी में दस पद ल्यप्-प्रत्ययान्त हैं। सबका आरम्भ किसी उपसर्ग से होता है और अन्त ‘य’ से — यही ल्यप् की पहचान है।

ल्यबन्तपदम्प्रकृति-प्रत्ययविभागःअर्थः
सम्भूयसम् + भू + ल्यप्मिलकर
विकीर्यवि + कॄ + ल्यप्बिखेरकर
विस्तीर्यवि + स्तॄ + ल्यप्फैलाकर
अवतीर्यअव + तॄ + ल्यप्उतरकर
अवलोक्यअव + लोक् + ल्यप्देखकर
अवलम्ब्यअव + लम्ब् + ल्यप्आश्रय लेकर
एकचित्तीभूयएकचित्ती + भू + ल्यप्एक मन होकर
आलोच्यआ + लोच् + ल्यप्विचार करके
प्रत्यभिज्ञायप्रति + अभि + ज्ञा + ल्यप्पहचानकर
आशङ्क्यआ + शकि + ल्यप्शङ्का करके
ऐसा क्यों: ‘निःसृत्य’ और ‘आकर्ण्य’ भी इसी सूची में आ सकते थे — निः + सृ + ल्यप्, आ + कर्ण् + ल्यप्। इन सबकी एक ही कसौटी लगाइए : उपसर्ग है या नहीं। उपसर्ग हो तो क्त्वा नहीं, ल्यप् होगा — इसीलिए ‘कृत्वा’ पर उप लगते ही ‘उपकृत्य’ बन जाता है, ‘उपकृत्वा’ नहीं।
ध्यातव्यम्: ‘एकचित्तीभूय’ में उपसर्ग नहीं, च्वि-प्रत्ययान्त पद (एकचित्त → एकचित्ती) है; ऐसे च्वि-युक्त रूपों के साथ भी क्त्वा के स्थान पर ल्यप् ही होता है।
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