पुस्तक के शब्दों में — प्रसिद्धेषु अष्टादशसु पुराणेषु विष्णुपुराणम् अन्यतमम्। अस्मिन् पुराणे प्रायेण सप्तसहस्राधिकश्लोकाः सन्ति। अत्र भगवतः विष्णोः तस्य च अवताराणां विषये वर्णितम्। भारतवर्षस्य गौरवविषये विष्णुपुराणम् अतीव प्रामाणिकं तथ्यं प्रकाशयति।
| बिन्दुः | विवरणम् |
|---|---|
| स्थान | प्रसिद्ध अठारह पुराणों में से एक |
| श्लोक-संख्या | प्रायः सात हज़ार से अधिक |
| विषय | भगवान् विष्णु तथा उनके अवतारों का वर्णन |
| विशेषता | भारतवर्ष के गौरव के विषय में अत्यन्त प्रामाणिक तथ्य देता है |