दीपकम् अध्याय 6 अभ्यासात् जायते सिद्धिः

अद्यतन2026-09-05

प्र1.
(क) प्रधानमन्त्रिसङ्ग्रहालये काः डिजिटल्-प्रौद्योगिक्यः प्रदर्शिताः सन्ति ?
उत्तर
उत्तरम् — प्रधानमन्त्रिसङ्ग्रहालये हॉलोग्राम्, ‘वर्धिता-वास्तविकता’ (AR), ‘आभासीया-वास्तविकता’ (VR), कृत्रिमबुद्धि-आधारितं संवादयन्त्रम्, डिजिटल्-प्रक्षेपण-चलच्चित्रम् इत्यादयः डिजिटल्-प्रौद्योगिक्यः प्रदर्शिताः सन्ति।
हिन्दी अर्थ: प्रधानमन्त्री-संग्रहालय में होलोग्राम, संवर्धित वास्तविकता (AR), आभासी वास्तविकता (VR), कृत्रिम-बुद्धि पर आधारित संवाद-यन्त्र तथा डिजिटल-प्रक्षेपण-चलचित्र आदि डिजिटल प्रौद्योगिकियाँ प्रदर्शित हैं।
प्रौद्योगिकीछात्रः/छात्राकः अनुभवः
हॉलोग्राम्सर्वे छात्राः, यशिकाप्रधानमन्त्रिणः भाषणं श्रूयते दृश्यते च; दिवङ्गताः नेतारः अपि जीविताः इव दृश्यन्ते
AR तथा VRअथर्वःऐतिहासिकवृत्तानि प्रत्यक्षम् इव अनुभूयन्ते; ‘भारतीय-स्वतन्त्रता-सङ्ग्रामः’ दृष्ट्वा पूर्वजानां संघर्षः ज्ञायते
कृत्रिमबुद्धि-आधारितं संवादयन्त्रम्भास्करःअस्माकं सर्वविधप्रश्नानाम् उत्तराणि ददाति
डिजिटल्-प्रक्षेपण-चलच्चित्रम्वेदिकासम्पूर्णस्य भारतस्य विकास-यात्रा प्रदर्शिता अस्ति
Tip: ‘पूर्णवाक्येन’ का अर्थ है — प्रश्न के शब्दों को ही उत्तर का ढाँचा बनाओ। यहाँ प्रश्न में ‘प्रदर्शिताः सन्ति’ है, इसलिए उत्तर भी उसी क्रिया पर समाप्त होना चाहिए।
प्र2.
(ख) जनाः किमर्थं साङ्गणिक-अपराधेन पीडिताः भवन्ति ?
उत्तर
उत्तरम् — जनाः प्रायशः लोभात् भयात् वा साङ्गणिक-अपराधेन पीडिताः भवन्ति।
हिन्दी अर्थ: लोग प्रायः लोभ के कारण अथवा भय के कारण साइबर-अपराध से पीड़ित होते हैं। पाठ का मूल वाक्य — अनेकविधाः साङ्गणिक-अपराधाः भवन्ति। जनाः प्रायशः लोभात् भयात् वा साङ्गणिक-अपराधेन पीडिताः भवन्ति।
व्याकरण-सङ्केतः: लोभात्, भयात्पञ्चमी विभक्ति, एकवचन, ‘हेतु’ (कारण) के अर्थ में। ‘किमर्थम्’ पूछे जाने पर कारण पञ्चमी या ‘-अर्थम्’ में ही दिया जाता है, यह इस उत्तर की कुंजी है।
Why it happens: पाठ यह भी संकेत करता है कि उपाय क्या है — भास्कर कहता है एतस्मिन् विषये जनाः जागृताः भवेयुः तदर्थम् अपि उपायाः चिन्तनीयाः। अर्थात् ठगी का मूल कारण अज्ञान है, इसलिए इसका उत्तर जागरूकता है — नई तकनीक बन्द करना नहीं।
प्र3.
(ग) यशिका ‘डिजि-लॉकर्’ इत्यस्य उपयोगं कथं करोति ?
उत्तर
उत्तरम् — यशिका ‘डिजि-लॉकर्’ इत्यस्य उपयोगं करोति। तत्र तस्याः आधारपत्रं विद्यालयीयं प्रमाणपत्रं च सुरक्षितम् अस्ति।
हिन्दी अर्थ: यशिका ‘डिजि-लॉकर’ का उपयोग करती है। उसमें उसका आधार-पत्र तथा विद्यालय का प्रमाण-पत्र सुरक्षित रखा हुआ है। पाठ में वह स्वयं कहती है — अहं स्वयं ‘डिजि-लॉकर्’ इत्यस्य उपयोगं करोमि। मम आधारपत्रं विद्यालयीयं प्रमाणपत्रं च तत्र सुरक्षितम् अस्ति।
ध्यातव्यम्: उत्तर लिखते समय उत्तमपुरुष को प्रथमपुरुष में बदलना पड़ता है — पाठ में ‘अहं ... करोमि, मम ...’ है; उत्तर में ‘यशिका ... करोति, तस्याः ...’ हो जाएगा। यही छोटी-सी बात पूर्णवाक्य-उत्तर में अंक दिलाती है।
प्र4.
(घ) डिजिटल्-भारतस्य वित्तीयसमावेशने काः योजनाः सन्ति ?
उत्तर
उत्तरम् — वित्तीयसमावेशनस्य क्षेत्रे ‘यूपीआय्’, ‘रूपे-कार्ड्’, ‘जनधनयोजना’ इत्यादीनि बहूनि साधनानि सन्ति।
हिन्दी अर्थ: वित्तीय समावेशन के क्षेत्र में यूपीआई, रुपे-कार्ड तथा जनधन योजना जैसे बहुत-से साधन हैं। अध्यापक आगे जोड़ते हैं — अधुना आपणेषु वस्तुक्रयणार्थं साक्षात् मुद्रायाः आवश्यकता नास्ति। मुद्रारहित-विनिमयसन्दर्भे विश्वे भारतस्य अग्रगण्यं स्थानम् अस्ति। (अब दुकानों में सामान खरीदने के लिए नकद रुपये की आवश्यकता नहीं; नकद-रहित लेन-देन में विश्व में भारत सबसे आगे है।)
Did you know? पृष्ठ 73 की सारणी में यही सूची और बड़ी है — एकीकृत-विनिमिय-पटलम् (UPI), भीम-अनुप्रयोगः (BHIM App), आधार-सक्षम-वित्तीय-पद्धतिः (AEPS), रुपे-कार्ड् (RuPay), ई-रूपी (e-RUPI), जनधन-आधार-दूरवाणी-त्रयी (JAM Trinity)
प्र5.
(ङ) डिजिटल्-भारते शिक्षायाः क्षेत्रे केषां पटलानाम् उपयोगः करणीयः ?
उत्तर
उत्तरम् — शिक्षायाः क्षेत्रे ‘दीक्षा’ (DIKSHA), ‘स्वयम्’ (SWAYAM), ‘स्वयं-प्रभा’ (SWAYAM PRABHA), ‘ई-पाठशाला’ (ePathshala), ‘भारतीय-राष्ट्रिय-डिजिटल्-पुस्तकालयः’, ‘निष्ठा’ (NISHTHA), ‘पीएम्-ई-विद्या’ (PM e-VIDYA) इत्यादीनां निःशुल्क-डिजिटल्-शैक्षिकमञ्चानाम् उपयोगः करणीयः।
हिन्दी अर्थ: शिक्षा के क्षेत्र में दीक्षा, स्वयम्, स्वयं-प्रभा, ई-पाठशाला, भारतीय राष्ट्रीय डिजिटल पुस्तकालय, निष्ठा तथा पीएम-ई-विद्या — इन निःशुल्क डिजिटल शैक्षिक मंचों का उपयोग करना चाहिए।
व्याकरण-सङ्केतः: केषाम् षष्ठी बहुवचन है, इसलिए उत्तर भी षष्ठी बहुवचन में — ‘मञ्चानाम् / पटलानाम् उपयोगः’। करणीयः कृत्य-प्रत्ययान्त (अनीयर्) पद है, जो ‘उपयोगः’ (पुंलिङ्ग, प्रथमा, एकवचन) के अनुसार चला है।
प्र6.
(च) ग्राम्य-क्षेत्रेषु डिजिटल्-सेवानां समस्या कथं निराकर्तुं शक्यते ?
उत्तर
उत्तरम् — सर्वकारः अन्तर्जालस्य उत्तरोत्तरं विस्ताराय कार्यं करोति, अनेन ग्राम्य-क्षेत्रे अपि उच्चगतेः जालस्य उपलब्धिः भविष्यति। एतासां सेवानाम् उपयोगः शिक्षायाः माध्यमेन अधिकाधिकं प्रचारणीयः। एवं ग्राम्य-क्षेत्रेषु डिजिटल्-सेवानां समस्या निराकर्तुं शक्यते।
हिन्दी अर्थ: सरकार इंटरनेट के लगातार विस्तार का कार्य कर रही है, जिससे ग्रामीण क्षेत्र में भी उच्च गति के नेटवर्क की उपलब्धता हो जाएगी। साथ ही इन सेवाओं का प्रचार शिक्षा के माध्यम से अधिकाधिक किया जाना चाहिए। इन्हीं दो उपायों से ग्रामीण क्षेत्रों की समस्या दूर की जा सकती है।
Try This: अपने गाँव या मुहल्ले के लिए दो और उपाय संस्कृत में सोचो — जैसे ग्रामे सामान्यसेवाकेन्द्रम् (CSC) स्थापनीयम्, विद्यालये छात्राः वृद्धान् डिजिटल्-प्रयोगं शिक्षयेयुः। उत्तर तभी पूरा होता है जब उपाय अवसंरचना + शिक्षा दोनों को छूता है।
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