दीपकम् अध्याय 6 अभ्यासात् जायते सिद्धिः

अद्यतन2026-09-05

प्र1.
अधः दत्तान् शब्दान् सम्यक् संयोजयत — (क) हॉलोग्राम् (ख) यूपीआय् (UPI) (ग) डिजि-लॉकर् (घ) फ़ास्टॅग् (FASTag) (ङ) वीआर (VR) ⟷ कृत्रिम-बुद्धिः (AI) · आभासीया-वास्तविकता · शीघ्रं, सुरक्षितं, सुगमं च डिजिटल्-धनदेय-प्रत्यर्पणम् · डिजिटल्-प्रमाणपत्रम् · राजमार्गेषु स्वचालितविधिना मार्गशुल्कस्य शीघ्रं संग्रहणम्
उत्तर
क्रमःशब्दःसंयोजनीयः शब्दः
क.हॉलोग्राम्कृत्रिम-बुद्धिः (AI)
ख.यूपीआय् (UPI)शीघ्रं, सुरक्षितं, सुगमं च डिजिटल्-धनदेय-प्रत्यर्पणम्
ग.डिजि-लॉकर्डिजिटल्-प्रमाणपत्रम्
घ.फ़ास्टॅग् (FASTag)राजमार्गेषु स्वचालितविधिना मार्गशुल्कस्य शीघ्रं संग्रहणम्
ङ.वीआर (VR)आभासीया-वास्तविकता
मेलन का आधार (क्यों यही जोड़ा बनता है):
  • ङ. वीआर = आभासीया-वास्तविकता — यह तो शब्दार्थ-सारणी का सीधा संस्कृत पर्याय है (VR = Virtual Reality)। इसलिए सबसे पहले यही जोड़ा तय करो।
  • ख. यूपीआय् — पाठ में भास्कर कहता है अनेन मम पितरौ अपि त्वरया धनं प्रेषयितुं शक्नुतः — अर्थात् शीघ्र, सुरक्षित और सुगम धनदेय-प्रत्यर्पण (payment)।
  • ग. डिजि-लॉकर् — यशिका के अनुसार उसमें आधारपत्र तथा प्रमाणपत्र सुरक्षित रहते हैं, इसलिए ‘डिजिटल्-प्रमाणपत्रम्’।
  • घ. फ़ास्टॅग् — अथर्व का वाक्य लगभग शब्दशः यही है — राजमार्गेषु स्वचालितविधिना मार्गशुल्कस्य सङ्ग्रहणं त्वरया भवति।
  • क. हॉलोग्राम् — शेष बचा एकमात्र विकल्प ‘कृत्रिम-बुद्धिः (AI)’ ही उसके साथ जुड़ता है; पुस्तक हॉलोग्राम् को सङ्ग्रहालय की कृत्रिम-बुद्धि-आधारित प्रदर्शन-प्रौद्योगिकियों में गिनती है।
ध्यातव्यम्: इसी कारण आगे प्रश्न ७ (क)हॉलोग्राम् कृत्रिमबुद्धेः एकः प्रकारः अस्ति — पर शुद्धम् (✓) का चिह्न लगता है। दोनों प्रश्नों के उत्तर आपस में मेल खाने चाहिए।
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