दीपकम् अध्याय 6 अभ्यासात् जायते सिद्धिः

अद्यतन2026-09-05

प्र1.
(क) प्रधानमन्त्रिसङ्ग्रहालये कीदृशी प्रौद्योगिकी प्रयुक्ता अस्ति ?
उत्तर
उत्तरम् — डिजिटल्-प्रौद्योगिकी।
हिन्दी अर्थ: प्रधानमन्त्री-संग्रहालय में डिजिटल प्रौद्योगिकी का प्रयोग हुआ है। पाठ का वाक्य है — अत्र विविधाः डिजिटल्-प्रौद्योगिक्यः प्रयुक्ताः सन्ति।
व्याकरण-सङ्केतः: प्रश्न में कीदृशी (स्त्रीलिङ्ग) है, इसलिए उत्तर भी स्त्रीलिङ्ग, प्रथमा विभक्ति, एकवचन में — ‘डिजिटल्-प्रौद्योगिकी’। ‘प्रौद्योगिकी’ ङीप्-प्रत्ययान्त स्त्रीलिङ्ग शब्द है (नदी की तरह चलता है), इसलिए बहुवचन ‘प्रौद्योगिक्यः’ बनता है।
प्र2.
(ख) हॉलोग्राम्-द्वारा कस्य भाषणं दृश्यते ?
उत्तर
उत्तरम् — प्रधानमन्त्रिणः।
हिन्दी अर्थ: होलोग्राम के द्वारा प्रधानमन्त्री का भाषण दिखाई देता है। पाठ में छात्र कहते हैं — अत्र हॉलोग्राम्-द्वारा प्रधानमन्त्रिणः भाषणं श्रूयते दृश्यते च। प्रत्यक्षमेव प्रधानमन्त्री अत्र उपविष्टः इति भासते।
व्याकरण-सङ्केतः: प्रश्नपद कस्य षष्ठी एकवचन है, अतः उत्तर भी षष्ठी विभक्ति, एकवचन, पुंलिङ्ग — ‘प्रधानमन्त्रिणः’ (प्रधानमन्त्रिन् शब्द, ‘न्’-अन्त पुंलिङ्ग, राजन् की तरह)।
प्र3.
(ग) कस्याः प्रभावः दैनन्दिनजीवने दृश्यते ?
उत्तर
उत्तरम् — ‘डिजिटल्’-योजनायाः।
हिन्दी अर्थ: ‘डिजिटल’ योजना का प्रभाव दैनिक जीवन में दिखाई देता है। अध्यापक का वाक्य — ‘डिजिटल्’ योजनायाः प्रभावः दैनन्दिने जीवनेऽपि दृश्यते।
व्याकरण-सङ्केतः: कस्याः स्त्रीलिङ्ग षष्ठी एकवचन है, इसलिए उत्तर भी षष्ठी एकवचन स्त्रीलिङ्ग — ‘योजनायाः’ (योजना, आकारान्त स्त्रीलिङ्ग, रमा की तरह)। यदि प्रश्न ‘कस्य’ होता तो उत्तर पुंलिङ्ग/नपुंसकलिङ्ग में देना पड़ता — प्रश्नवाचक का लिङ्ग ही उत्तर का लिङ्ग तय करता है।
प्र4.
(घ) भारत-सर्वकारस्य महत्त्वाकाङ्क्षिणी योजना का अस्ति ?
उत्तर
उत्तरम् — डिजिटल्-योजना (डिजिटल्-भारत-योजना)।
हिन्दी अर्थ: भारत-सरकार की महत्त्वाकांक्षी योजना ‘डिजिटल-भारत’ योजना है। पाठ में राघव कहता है — डिजिटल्-योजना भारतस्य काचित् महत्त्वाकाङ्क्षिणी योजना अस्ति — और अध्यापक उसका समर्थन करते हैं — आम् राघव ! एषा भारतसर्वकारस्य विशिष्टा महत्त्वाकाङ्क्षिणी योजना अस्ति।
व्याकरण-सङ्केतः: का = किम् शब्द का स्त्रीलिङ्ग प्रथमा एकवचन। अतः उत्तर प्रथमा विभक्ति, एकवचन, स्त्रीलिङ्ग में — ‘डिजिटल्-योजना’। इसी से ‘महत्त्वाकाङ्क्षिणी’ विशेषण भी स्त्रीलिङ्ग रूप में आया है।
प्र5.
(ङ) ‘फ़ास्टॅग्’ इत्यस्य उपयोगेन कस्य सङ्ग्रहणं भवति ?
उत्तर
उत्तरम् — मार्गशुल्कस्य।
हिन्दी अर्थ: फ़ास्टैग के उपयोग से मार्ग-शुल्क (टोल) का संग्रहण होता है। अथर्व का वाक्य — मम पितरौ ‘फ़ास्टॅग्’ इत्यस्य उपयोगं कुरुतः। अनेन राजमार्गेषु स्वचालितविधिना मार्गशुल्कस्य सङ्ग्रहणं त्वरया भवति।
व्याकरण-सङ्केतः: उत्तर षष्ठी विभक्ति, एकवचन, नपुंसकलिङ्ग — ‘मार्गशुल्कस्य’ (मार्गस्य शुल्कम् = मार्गशुल्कम्, षष्ठी-तत्पुरुष समास)। ध्यान दो — ‘सङ्ग्रहणम्’ भाववाचक क्रियारूप है, इसलिए जिसका संग्रह हो रहा है वह षष्ठी में आता है, द्वितीया में नहीं।
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