दीपकम् अध्याय 6 योग्यताविस्तरः

अद्यतन2026-09-05

प्र1.
‘क्षेत्रानुसारं भारते डिजिटल्-प्रगतिः’ — दश क्षेत्राणि तेषु प्रमुखाणि पटलानि च लिखत।
उत्तर
क्षेत्रम्प्रमुखाणि पटलानि / योजनाः
१. शिक्षाक्षेत्रम्दीक्षामञ्चः (DIKSHA — ज्ञान-विनिमयाय डिजिटल्-अवसंरचना) · राष्ट्रिय-अकॅडमिक्-निक्षेपगृहः (National Academic Depository) · ई-पाठशाला (ePathshala) · सर्वेभ्यः कृत्रिम-बुद्धि-अभियानम् (AI for All)
२. वित्तं विनिमयः चएकीकृत-विनिमिय-पटलम् (UPI) · भीम-अनुप्रयोगः (BHIM App) · आधार-सक्षम-वित्तीय-पद्धतिः (AEPS) · रुपे-कार्ड् (RuPay) · ई-रूपी-डिजिटल्-वौचर्-प्रणाली (e-RUPI) · जनधन-आधार-दूरवाणी-त्रयी (JAM Trinity)
३. आरोग्यम्आयुष्मान्-भारत-डिजिटल्-अभियान-स्वास्थ्य-परिचयपत्रम् (ABDM) · कोविन् (CoWIN) · ई-संजीवनी-दूरस्वास्थ्य-सेवा (eSanjeevani)
४. शासनम्डिजि-लॉकर् — सुरक्षित-प्रलेख-संग्रहः (Digi-Locker) · मम शासनम् / जन-संवादाय (MyGov) · ई-जनपदसेवा (eDistrict) · केन्द्रीकृत-प्रतिवेदन-निस्तारण-पर्यवेक्षण-प्रणाली (CPGRAMS)
५. कृषिक्षेत्रम्ई-राष्ट्रिय-कृषि-आपणः (eNAM) · प्रधानमन्त्री-किसान्-सम्माननिधिः (PM-KISAN) · चल-किसान्-सन्देश-सेवा (mKisan) · कृषक-सुविधा-सेवा (Kisan Suvidha)
६. आजीविका-निपुणताराष्ट्रिय-आजीविका-सेवा (National Career Service) · निपुण-भारत-डिजिटल् (Skill India Digital) · कौशल-मानचित्रण-पटलम् (ASEEM Portal) · ई-निपुण-भारत-मञ्चः (eSkill India)
७. न्यायव्यवस्थाई-न्यायालयः (eCourts) · राष्ट्रिय-न्याय-सांख्यिकी-दत्तांश-गुच्छः (NJDG)
८. परिचयः सुरक्षा चअपराध-अपराधि-प्रत्यक्षाभिज्ञान-जाल-प्रणाली (CCTNS)
९. कर-प्रणाली व्यवसायः चवस्तु-सेवा-कर-पटलम् (GST Portal) · सर्वकारस्य-विपणि-पटलम् (GeM Portal) · उद्यम-पञ्जीकरण-पटलम् (Udyam Portal)
१०. संप्रेषणं तन्त्रज्ञानम् चडिजिटल्-भारताभियानम् — आधुनिकस्य राष्ट्रस्य सञ्जीवनी (Digital India)
इस सारणी का उपयोग: ‘डिजिटल्-भारतम्’ पर पाँच वाक्य लिखने हों या निबन्ध — क्षेत्र + उदाहरण का यही जोड़ा सबसे अच्छा ढाँचा देता है। जैसे — शिक्षाक्षेत्रे ‘दीक्षा’ इति मञ्चः अस्ति। आरोग्यक्षेत्रे ‘ई-संजीवनी’ इति दूरस्वास्थ्य-सेवा अस्ति। कृषिक्षेत्रे ‘ई-नाम्’ इति राष्ट्रियः कृषि-आपणः अस्ति।
ध्यातव्यम्: सारणी के सिर पर वही आदर्श-वाक्य छपा है जो पाठ के पहले पृष्ठ पर है — डिजिटल्-भारतम् : सशक्तीकरणार्थं शक्तिः (Digital India — Power to Empower)।
प्र2.
भारतीयज्ञानपरम्परा — आधुनिक-सङ्गणकगणनायाः मूलाधारौ कौ ? कैः प्रतिपादितौ ?
उत्तर
उत्तरम् — छन्दःशास्त्रम् (पिङ्गलाचार्यः) — पिङ्गलस्य छन्दःशास्त्रे द्व्यधिक-सङ्ख्या-व्यवस्था (Binary Number System) निरूपिता अस्ति।
आर्यभटीयम् (आर्यभटः) — आर्यभटेन प्रतिपादितः दशमलव-सङ्ख्या-विधिः (Decimal System) एवञ्च स्थानिमूलक-गणना-विधिः (Place-Value Notation) आधुनिक-सङ्गणकगणनायाः मूलाधारौ स्तः।
हिन्दी अर्थ: आचार्य पिङ्गल के ‘छन्दःशास्त्र’ में द्वि-आधारी (binary) संख्या-व्यवस्था का निरूपण मिलता है, और आर्यभट के ‘आर्यभटीय’ में दशमलव संख्या-पद्धति तथा स्थानीय-मान की गणना-विधि प्रतिपादित है। ये दोनों ही आधुनिक कम्प्यूटर-गणना के मूल आधार हैं।
Why it matters: कम्प्यूटर भीतर से केवल ० और १ जानता है — यही ‘द्व्यधिक’ (binary) व्यवस्था है, जिसे पिङ्गल ने छन्द के लघु–गुरु के क्रम गिनने के लिए बहुत पहले प्रयोग किया था। और स्थानिमूलक-गणना (place value) के बिना बड़ी संख्याएँ लिखी ही नहीं जा सकतीं — २०५ में ‘२’ का मूल्य उसके स्थान से तय होता है। इसीलिए पाठ कहता है कि युगपरिवर्तन की जड़ें भारतीय ज्ञान-परम्परा में हैं।
व्याकरण-सङ्केतः: मूलाधारौ स्तःद्विवचन का प्रयोग है, क्योंकि आधार दो हैं (दशमलव-विधि तथा स्थानिमूलक-विधि)। ‘स्तः’ = अस् धातु, लट्-लकार, प्रथमपुरुष, द्विवचन।
प्र3.
अधिकसूचनार्थम् अधः प्रदत्तस्य क्यूआर्-कूटस्य उपयोगं कुर्वन्तु।
उत्तर

यह करने योग्य कार्य है, लिखने योग्य उत्तर नहीं। पृष्ठ 74 पर छपे आशुप्रतिक्रियाकूट (QR Code) को अपने अभिभावक के मोबाइल के कैमरे से स्कैन करो; उससे ‘डिजिटल् इण्डिया’ की आधिकारिक जानकारी वाला पृष्ठ खुल जाएगा।

करणीयम् (कार्यक्रमः) —
१. सचलदूरवाण्याः कैमरा-अनुप्रयोगं उद्घाटयत।
२. पुस्तके प्रदत्तं क्यूआर्-कूटं (आशुप्रतिक्रियाकूटम्) स्कैन् कुरुत।
३. यत् पटलम् उद्घाटितं तत्र दश क्षेत्राणां योजनाः पश्यत।
४. स्वकीये अभ्यासपुस्तके ‘मया किं नूतनं ज्ञातम्’ इति पञ्च वाक्यानि संस्कृतेन लिखत।
सुरक्षा-सङ्केतः (पाठ से जुड़ा): पाठ स्वयं ‘साङ्गणिक-सुरक्षा’ की चेतावनी देता है। इसलिए नियम याद रखो — केवलं विश्वसनीयं क्यूआर्-कूटं स्कैन् कुरुत; अज्ञातं कूटं स्कैन् कृत्वा कदापि धनं मा प्रेषयत। भुगतान के लिए भेजा गया अनजान QR कोड ही सबसे आम साइबर-ठगी है।
क्या यह उपयोगी रहा? त्रुटि बताएँ