प्र1.
संस्कृतभाषा केषां जीवनस्य आशा अस्ति ?
उत्तर
उत्तरम् — संस्कृतभाषा वेदव्यास-वाल्मीकि-मुनीनां, कालिदास-बाणादिकवीनां, पौराणिक-सामान्यजनानां च जीवनस्य आशा अस्ति।
हिन्दी अर्थ: संस्कृतभाषा वेदव्यास तथा वाल्मीकि जैसे मुनियों की, कालिदास तथा बाणभट्ट आदि कवियों की और पुराणों के अध्येताओं तथा सामान्य जनों की — इन सबके जीवन की आशा है।
उत्तर-कौशलम्: प्रश्न में ‘केषां’ (षष्ठी बहुवचन) है, इसलिए उत्तर में भी तीनों वर्ग षष्ठी बहुवचन में ही आने चाहिए — मुनीनाम्, कवीनाम्, जनानाम्। पूर्णवाक्य वाले प्रश्न में क्रिया ‘अस्ति’ लगाना न भूलें।