कक्षा ८ संस्कृत अध्याय 7 मञ्जुलमञ्जूषा सुन्दरसुरभाषा के लिए एनसीईआरटी समाधान
अद्यतन 2026-09-19
इस अध्याय के बारे में
पाठ का स्वरूप — यह कोई कथा या संवाद-पाठ नहीं, बल्कि चार पद्यों का गीत है। हर पद्य का अन्तिम शब्द ‘ सुन्दरसुरभाषा ’ है — यही टेक (ध्रुवपद) पूरे गीत को बाँधती है। ‘सुरभाषा’ = देवताओं की भाषा, अर्थात् संस्कृत। शीर्षक का अर्थ — मञ्जुला = मन को हरने वाली, मञ्जूषा = पेटी। इसलिए ‘मञ्जुलमञ्जूषा’ का अर्थ है — मनोहर रूप में संकलित शब्दों की सुन्दर पेटी । कवि कहता है कि यह पेटी मुनियों ने विकसित की और कवियों ने सजाया। चार पद्यों की चार बातें — (१) संस्कृत मुनि-कवियों की सँवारी शब्द-मञ्जूषा है, उसकी पोषणक्षमता वर्णन से परे है; (२) वह वेदव्यास-वाल्मीकि जैसे मुनियों, कालिदास-बाण जैसे कवियों तथा सामान्य जनों — सबके जीवन की आशा है; (३) वह कानों को सुख देने वाली, सबको आनन्द देने वाली, स्मृति-हितकारी तथा हमारी संस्कृति है; (४) वह नवरसों, अलङ्कारों, वेद-वेदान्त-विचारों तथा आयुर्वेद-खगोलशास्त्र सहित धरती पर व
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| शब्दः | अर्थः (संस्कृतम्) | हिन्दी | English |
|---|---|---|---|
| विकसिता | विस्तारिता | विकसित की गई | Progressively developed |
| विलसिता | रञ्जिता | आनन्द देने वाली | That which gives joy |
| मञ्जुला | मनोहरा | मन को हरने वाली | Lovely / Charming |
| मञ्जूषा | पेटिका | पेटी | Box / Encasement |
| पोषणक्षमता | पालनशक्तिः | पोषण की क्षमता | Nurturing capacity |
| अतीता | अतिक्रान्ता | पार हो | Beyond |
| वचनातीता | वर्णनातीता | वाणी से परे | Beyond words |
| भूयिष्ठानाम् | अधिकतराणाम् | अधिकांश | Mostly |
| श्रुतिसुखनिनदे ! | श्रवणसुखध्वनिदात्रि ! | कर्णप्रिय ध्वनि देने वाली ! | Sound of which is pleasant to listen |
| सकलप्रमोदे ! | सर्वेभ्यः आनन्दमयि ! | सभी को आनन्द देने वाली | That which gives pleasure to all |
| सरसविनोदे | सरसविनोदशीले | मधुर विनोद करने वाली | That which creates pleasant humour |
| काव्यविशारदे ! | काव्यपारङ्गते | काव्य करने में पारंगत | Oh! Proficient in Literature |
| रुचिरा | रुचिकरा | आनन्द प्रदान करने वाली | That which gives happiness |
| अलङ्कृतिधारा | अलङ्काराणाम् आधात्री | अलंकारों को धारण करने वाली | Well ornamented |
| व्योमशास्त्रम् | अन्तरिक्षशास्त्रम् | अन्तरिक्ष विज्ञान | Astronomy |
| धरायाम् | पृथिव्याम् | धरती पर | On earth |
अभ्यास
- चित्र-संवादः (पाठे विद्यमानाः प्रश्नाः)
- श्लोक-व्याख्या (पदच्छेदः · अन्वयः · अर्थः · भावः)
- श्लोक-व्याख्या (पदच्छेदः · अन्वयः · अर्थः · भावः)
- वयं शब्दार्थान् जानीमः
- अत्र इदम् अवधेयम्
- अभ्यासात् जायते सिद्धिः
- अभ्यासात् जायते सिद्धिः
- अभ्यासात् जायते सिद्धिः
- अभ्यासात् जायते सिद्धिः
- अभ्यासात् जायते सिद्धिः
- अभ्यासात् जायते सिद्धिः
- अभ्यासात् जायते सिद्धिः
- अभ्यासात् जायते सिद्धिः
- योग्यताविस्तरः
- परियोजनाकार्यम्