दीपकम् अध्याय 7 वयं शब्दार्थान् जानीमः

अद्यतन2026-09-05

प्र1.
पृष्ठ 79 की शब्दार्थ-सारणी के शब्दों (विकसिता, विलसिता, मञ्जुला, मञ्जूषा, पोषणक्षमता, मे, अतीता, वृन्दानाम्, नवम्, वचनातीता, भूयिष्ठानाम्) के संस्कृत-पर्याय, हिन्दी अर्थ तथा अंग्रेज़ी अर्थ लिखिए और अन्तिम स्तम्भ ‘मातृभाषया अर्थं लिखत’ भरिए।
उत्तर
शब्दःअर्थः (संस्कृतम्)हिन्दीEnglishमातृभाषया अर्थः (नमूना — हिन्दी)
विकसिताविस्तारिताविकसित की गईProgressively developedबढ़ाई गई / फैलाई गई
विलसितारञ्जिताआनन्द देने वालीThat which gives joyसजाई गई, रस देने वाली
मञ्जुलामनोहरामन को हरने वालीLovely / Charmingसुन्दर, प्यारी
मञ्जूषापेटिकापेटीBox / Encasementसन्दूक, डिब्बा
पोषणक्षमतापालनशक्तिःपोषण की क्षमताNurturing capacityपालने-पोसने की शक्ति
मेमममेरेMineमेरा
अतीताअतिक्रान्तापार होBeyondजिसे लाँघ चुके
वृन्दानाम्समूहानाम्समूहों कीOf groupsटोलियों का
नवम्नूतनम्नईNewनया
वचनातीतावर्णनातीतावाणी से परेBeyond wordsजो कहा न जा सके
भूयिष्ठानाम्अधिकतराणाम्अधिकांशMostlyअधिकतर लोगों का
ध्यातव्यम्: अन्तिम स्तम्भ ‘मातृभाषया अर्थं लिखत’ का उत्तर हर छात्र के लिए अलग होगा — जिसकी मातृभाषा मराठी है वह मराठी में, जिसकी बाङ्ला है वह बाङ्ला में लिखेगा। ऊपर नमूना उत्तर हिन्दी में दिया गया है।
क्यों उपयोगी: इस सारणी के लगभग सब शब्द स्त्रीलिङ्ग विशेषण हैं (विकसिता, विलसिता, मञ्जुला, अतीता) — क्योंकि इन सबका विशेष्य ‘भाषा’ है, जो स्त्रीलिङ्ग है। विशेषण अपने विशेष्य के लिङ्ग-वचन-विभक्ति का अनुसरण करता है — यही संस्कृत का मूल नियम है।
प्र2.
पृष्ठ 80 की शब्दार्थ-सारणी के शब्दों (श्रुतिसुखनिनदे, सकलप्रमोदे, सरसविनोदे, काव्यविशारदे, रुचिरा, अलङ्कृतिधारा, व्योमशास्त्रम्, धरायाम्) के अर्थ लिखिए।
उत्तर
शब्दःअर्थः (संस्कृतम्)हिन्दीEnglish
श्रुतिसुखनिनदे !श्रवणसुखध्वनिदात्रि !कर्णप्रिय ध्वनि देने वाली !Sound of which is pleasant to listen
सकलप्रमोदे !सर्वेभ्यः आनन्दमयि !सभी को आनन्द देने वालीThat which gives pleasure to all
सरसविनोदेसरसविनोदशीलेमधुर विनोद करने वालीThat which creates pleasant humour
काव्यविशारदे !काव्यपारङ्गतेकाव्य करने में पारंगतOh! Proficient in Literature
रुचिरारुचिकराआनन्द प्रदान करने वालीThat which gives happiness
अलङ्कृतिधाराअलङ्काराणाम् आधात्रीअलंकारों को धारण करने वालीWell ornamented
व्योमशास्त्रम्अन्तरिक्षशास्त्रम्अन्तरिक्ष विज्ञानAstronomy
धरायाम्पृथिव्याम्धरती परOn earth
व्याकरण-सङ्केतः: पहले चार शब्दों के आगे विस्मयादिबोधक चिह्न (!) छपा है — इससे पता चलता है कि वे सम्बोधन विभक्ति, एकवचन में हैं। ‘रुचिरा’ और ‘अलङ्कृतिधारा’ बिना चिह्न के हैं क्योंकि वे प्रथमा विभक्ति में चौथे पद्य के विशेषण हैं। यही अन्तर श्लोक ३ और ४ की शैली का अन्तर है — तीसरा पद्य पुकार है, चौथा वर्णन
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