प्र1.
समासः कः ? पाठे प्रदत्तां परिभाषाम् उदाहरणैः सह लिखत।
उत्तर
परिभाषा (पुस्तकस्य वचनम्) — परस्परसम्बद्धानां सार्थकपदानाम् एकपदीभावः समासः इति कथ्यते। प्रायेण द्वयोः ततोऽधिकानां वा पदानां संक्षिप्तीकरणं नाम समासः।
हिन्दी अर्थ: आपस में सम्बन्ध रखने वाले सार्थक पदों का एक पद बन जाना ही समास कहलाता है। सामान्यतः दो या दो से अधिक पदों का संक्षिप्तीकरण ही समास है।
पुस्तक के उदाहरण —
| विग्रहः (खुला रूप) | समस्तपदम् (जुड़ा रूप) |
|---|---|
| नद्याः तीरम् | नदीतीरम् |
| राज्ञः पुत्रः | राजपुत्रः |
| सुराणां भाषा | सुरभाषा |
| पोषणस्य क्षमता | पोषणक्षमता |
| वचनम् अतीता | वचनातीता |
| नवसंख्याकाः रसाः | नवरसाः |
| नवरसैः रुचिरा | नवरसरुचिरा |
ध्यातव्यम्: समास बनने पर बीच की विभक्ति लुप्त हो जाती है — ‘सुराणां भाषा’ में षष्ठी का ‘णाम्’ दिखता है, पर ‘सुरभाषा’ में नहीं। इसीलिए समास खोलने को विग्रह कहते हैं — विग्रह में वही लुप्त विभक्ति फिर से लौट आती है।