कैसे करें: यह अपने विद्यालय के अहाते में घूमकर करने का काम है। (1) पाँच पेड़-पौधे चुनिए जो सचमुच आपके परिसर में हैं। (2) प्रत्येक का संस्कृत नाम और स्थानीय नाम लिखिए। (3) उसका जो औषधीय उपयोग आपके विज्ञान-शिक्षक, आयुर्वेद-चिकित्सक या घर के बड़े बताएँ, वही लिखिए। (4) चाहें तो पत्ती चिपकाकर या चित्र बनाकर एक चार्ट बनाइए।
नमूना उत्तर (नमूना — अपने विद्यालय के पेड़ों के अनुसार बदलिए):
| संस्कृतनाम | हिन्दी नाम | औषधीयः प्रयोगः (संस्कृतम्) | हिन्दी में |
|---|---|---|---|
| तुलसी | तुलसी | तुलसीपत्राणां क्वाथः कासे श्वासे च उपकारकः। | पत्तों का काढ़ा खाँसी-ज़ुकाम में लाभकारी। |
| निम्बः | नीम | निम्बपत्राणि त्वग्रोगेषु व्रणशोधने च प्रयुज्यन्ते। | पत्ते त्वचा-रोग तथा घाव साफ़ करने में। |
| आमलकी | आँवला | आमलकीफलं केशानां नेत्रयोः पाचनस्य च हितकरम्। | फल बाल, आँख और पाचन के लिए हितकर। |
| अश्वत्थः | पीपल | अश्वत्थस्य त्वक् श्वासरोगे उपयुज्यते; वृक्षः प्रचुरं प्राणवायुं ददाति। | छाल श्वास-रोग में; पेड़ भरपूर ऑक्सीजन देता है। |
| घृतकुमारी | घृतकुमारी (एलोवेरा) | तस्याः द्रवः दाहे त्वचायाः च रक्षणे उपकरोति। | गूदा जलन और त्वचा की रक्षा में उपयोगी। |