प्र1.
लेंसों का उपयोग कहाँ-कहाँ होता है?
उत्तर
जहाँ भी प्रकाश की दिशा को नियंत्रित करना हो, वहीं लेंस काम आता है।
| कहाँ | वहाँ लेंस क्या करता है |
|---|---|
| ऐनक (चश्मा) | नेत्र में प्रवेश करने से पहले प्रकाश को थोड़ा मोड़ देता है, जिससे पहनने वाले को स्पष्ट प्रतिबिंब मिलता है |
| कैमरे, स्मार्टफोन के कैमरे सहित | दृश्य से आते प्रकाश को अभिसरित करके संवेदक पर स्पष्ट प्रतिबिंब बनाता है |
| दूरदर्शक यंत्र | आकाश की दूरस्थ वस्तुओं से आता प्रकाश समेटता है |
| सूक्ष्मदर्शी | अत्यंत छोटी वस्तुओं का अत्यधिक आवर्धित दृश्य देता है |
| आवर्धक लेंस | छोटे मुद्रित अक्षरों को बड़ा दिखाता है |
| हमारे अपने नेत्र के भीतर | एक उत्तल लेंस जो अपनी आकृति बदल सकता है, जिससे हम पुस्तक भी पढ़ पाते हैं और दूर की वस्तु भी देख पाते हैं |
नेत्र लेंस इन सबमें सबसे अद्भुत क्यों है: ऊपर की सूची के हर लेंस की वक्रता निश्चित है, इसलिए वह प्रकाश को एक निश्चित मात्रा में ही अभिसरित करता है। हमारे नेत्र का लेंस अपनी आकृति बदल सकता है — पास की वस्तु के लिए अधिक वक्रित और दूर की वस्तु के लिए अधिक चपटा — इसलिए एक ही लेंस पूरे समूह का काम कर देता है। इसी से हम एक पंक्ति पढ़कर तुरंत ऊपर देखकर पहाड़ी भी देख लेते हैं।