प्र1.
क्या परावर्तन के नियम गोलीय दर्पणों पर भी लागू होते हैं?
उत्तर
हाँ — परावर्तन के नियम सभी प्रकार के दर्पणों के लिए मान्य हैं: समतल, अवतल और उत्तल। ये नियम एक किरण के किसी पृष्ठ से मिलने के बारे में हैं, और गोलीय दर्पण ऐसे ही पृष्ठ-बिंदुओं से बना है।
फिर परिणाम इतने भिन्न क्यों दिखते हैं: वक्रित दर्पण पर नियम नहीं, अभिलंब बदलता है। समतल दर्पण पर अभिलंब हर बिंदु पर एक ही दिशा में होता है, इसलिए समांतर पुंज परावर्तन के बाद भी समांतर रहता है। गोलीय दर्पण पर किसी बिंदु का अभिलंब उस बिंदु और गोले के केंद्र को मिलाने वाली रेखा के अनुदिश होता है, इसलिए दर्पण के मध्य से बाहर की ओर बढ़ते ही वह अधिक झुकता जाता है। प्रत्येक किरण अपने ही अभिलंब के सापेक्ष i = r से मुड़ती है, किंतु अभिलंब फैले हुए होने के कारण परावर्तित किरणें अभिसरित (अवतल) या अपसरित (उत्तल) हो जाती हैं।
संकेत: यही पूरे अध्याय का मूल विचार है — नियम वही, अभिलंब भिन्न। इसे ध्यान में रखिए और गोलीय दर्पणों के सारे परिणाम स्वयं निकलते चले जाएँगे।