हाँ। चमकीले भाग की आकृति प्रत्येक दिन थोड़ी भिन्न होती है, और यह परिवर्तन पूरे पखवाड़े एक ही दिशा में चलता है, तत्पश्चात उलट जाता है।
पूर्णिमा के अगले दिन सूर्योदय से आरंभ करने पर आपकी तालिका 11.1 कुछ इस प्रकार बनेगी —
| लगभग कौन-सा दिन | चंद्रमा की आकृति | चमकीला भाग (पिछले दिन की अपेक्षा) | चंद्रमा-सूर्य दूरी (पिछले दिन की अपेक्षा) |
|---|---|---|---|
| दिन 1 | पूर्ण चमकीला वृत्त | — | — |
| दिन 2–7 | अर्धाधिक (गिब्बस), घटता हुआ | घटा | कम हुई |
| लगभग दिन 8 | अर्धवृत्त | घटा | कम हुई |
| दिन 9–14 | बालचंद्र, पतला होता हुआ | घटा | कम हुई |
| लगभग दिन 15 | दिखाई नहीं देता (नवचंद्र) | घटकर शून्य | सूर्य के निकटतम |
| दिन 16–29 | बालचंद्र → अर्धवृत्त → अर्धाधिक → पुनः पूर्णचंद्र | बढ़ा | अधिक हुई |