कुतूहल अध्याय 11 क्रियाकलाप 11.3

अद्यतन2026-09-05

प्र1.
तालिका 11.2 में दर्शाए अनुसार छाया के लघुतम आमाप द्वारा निर्दिष्ट दो क्रमागत दिनों में आकाश में सूर्य की समान स्थितियों में अंतर ज्ञात करके सौर दिवस की अवधि जान सकते हैं।
उत्तर

दिन की लघुतम छाया वह क्षण दर्शाती है जब सूर्य आकाश में उच्चतम होता है, अतः दो क्रमागत दिनों के ऐसे दो क्षणों का अंतराल एक सौर दिवस है। तालिका 11.2 में छपे मानों से —

22 मार्च 2025 — लघुतम छाया 12:20 पर
23 मार्च 2025 — लघुतम छाया 12:20 पर
अवधि = अगले दिन का 12:20 − 12:20 = 24 घंटे 00 मिनट

23 मार्च 2025 — 12:20
24 मार्च 2025 — 12:19
अवधि = 24 घंटे − 1 मिनट = 23 घंटे 59 मिनट
यह क्यों काम करता है: ज्यों-ज्यों सूर्य ऊपर चढ़ता है, ऊर्ध्वाधर छड़ी की छाया घूमती और छोटी होती जाती है; सूर्य के ढलने पर वह पुनः लंबी हो जाती है। अतः दिन की एकमात्र लघुतम छाया ही सूर्य की उच्चतम स्थिति अर्थात स्थानीय मध्याह्न है। प्रातः 11:00 से अपराह्न 1:10 तक प्रत्येक मिनट बिंदु अंकित करने से वह क्षण लगभग एक मिनट की यथार्थता तक ज्ञात हो जाता है।
संकेत: छड़ी को पूर्णतः ऊर्ध्वाधर गाड़िए और समतल भूमि चुनिए, अन्यथा लघुतम बिंदु गलत स्थान पर आ जाएगा। सूर्य की ऊँचाई आँकने के लिए उसे सीधे मत देखिए — छाया पढ़िए।
प्र2.
दिन की अवधि का माध्य मान ज्ञात कीजिए। क्या यह लगभग 24 घंटे के बराबर है?
उत्तर

हाँ, यह लगभग ठीक 24 घंटे है।

माध्य = (24 घंटे 00 मिनट + 23 घंटे 59 मिनट) ÷ 2
= (1440 मिनट + 1439 मिनट) ÷ 2
= 2879 ÷ 2 = 1439.5 मिनट
= 23 घंटे 59 मिनट 30 सेकंड, अर्थात लगभग 24 घंटे
ऐसा क्यों होता है: वर्षभर सूर्य की आभासी दैनिक गति पूर्णतः एकसमान नहीं रहती, अतः कोई एक सौर दिवस 24 घंटे से थोड़ा अधिक या कम हो सकता है। घड़ी के लिए हम जो मान लेते हैं वह माध्य सौर दिन है — पूरे वर्ष का औसत — और वह ठीक 24 घंटे है। अपने दो-तीन प्रेक्षणों का औसत लेने पर ही आप उसके बहुत निकट पहुँच जाते हैं।
स्वयं जाँचिए: आपका मान उतना ही यथार्थ होगा जितना आपका अंकन। एक-एक मिनट पर बिंदु लगाने का अर्थ है कि आपका मध्याह्न ±1 मिनट तक ज्ञात है, अतः 23:59 अथवा 24:01 का परिणाम त्रुटि नहीं, एक अच्छा मापन है।
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