प्र1.
पौधों के कुछ भागों को लीजिए, जैसे— मनी प्लांट के तने की कर्तन, आलू की आँखें या अदरक का एक टुकड़ा आदि (चित्र 13.11, ख)। प्रत्येक प्रतिदर्श को मृदा में भिन्न-भिन्न अधिक गहराई के स्तर तक रोपिए। मनी प्लांट की कर्तन को काँच के बर्तन में रखकर आप इसकी वृद्धि को सरलता से अवलोकित कर सकते हैं। यह सुनिश्चित कीजिए कि उन्हें वृद्धि के लिए आवश्यक जल, वायु एवं सूर्य का प्रकाश प्राप्त होता रहे। इन्हें प्रतिदिन ध्यानपूर्वक देखिए एवं अंकित कीजिए कि इसकी जड़, तना एवं पत्तियाँ आने में कितने दिन लगते हैं। इसके साथ यह भी अवलोकन कीजिए कि पहला नया पत्ता कब दिखाई दिया।
उत्तर
कैसे लगाएँ। मनी प्लांट की ऐसी कर्तन लीजिए जिसमें कम-से-कम एक पर्वसंधि हो (वह हल्की उभरी गाँठ जहाँ पत्ती तने से जुड़ती है), ऐसा आलू लीजिए जिसकी ‘आँखें’ अंकुरित होने लगी हों, तथा अदरक का ऐसा टुकड़ा लीजिए जिस पर कली दिखाई दे। मनी प्लांट की कर्तन को काँच के बर्तन में इस प्रकार रखिए कि पर्वसंधि जल में डूबी रहे; शेष दोनों को नम मृदा में हल्का-सा ढककर रोपिए। तीनों को ऐसे स्थान पर रखिए जहाँ वायु एवं छनी हुई धूप मिले, तथा मृदा को नम रखिए, जलमग्न नहीं।
आप क्या अवलोकित करेंगे। अपनी तिथियाँ स्वयं अंकित कीजिए — यहाँ वे परास दी गई हैं जो सामान्य कक्ष परिस्थितियों में मिलती हैं।
| पौधे का भाग | जड़ें आने में | प्ररोह आने में | पहला नया पत्ता |
|---|---|---|---|
| मनी प्लांट, जल में तने की कर्तन | लगभग 5–10 दिन | पहले से उपस्थित | लगभग 2–3 सप्ताह |
| आलू, अंकुरित ‘आँखें’ | लगभग 7–14 दिन | लगभग 7–10 दिन | लगभग 2–3 सप्ताह |
| अदरक, प्रकंद का टुकड़ा | लगभग 10–20 दिन | लगभग 2–3 सप्ताह | लगभग 3–4 सप्ताह |
ऐसा क्यों होता है: इनमें से कोई भी बीज नहीं है। प्रत्येक टुकड़े में पहले से एक कली है — विभाजनशील कोशिकाओं का छोटा समूह — तथा संचित भोजन। जल, वायु एवं ताप मिलते ही ये कोशिकाएँ पहले जड़ें बनाती हैं, क्योंकि पत्तियाँ बनाने से पहले पौधे को अपनी जल-आपूर्ति सुनिश्चित करनी होती है। उसके पश्चात ही प्ररोह फैलता है एवं पहला पत्ता खुलता है, जिसके बाद पौधा प्रकाश संश्लेषण से अपना भोजन बनाने लगता है।
स्वयं जाँचिए: मनी प्लांट की एक कर्तन पर्वसंधि सहित एवं एक बिना पर्वसंधि के रखिए। जड़ें केवल पर्वसंधि वाली में आएँगी। यही एक तुलना दिखा देती है कि वृद्धि करने वाला ऊतक पर्वसंधि में है, तने के किसी भी टुकड़े में नहीं।