प्र1.
प्रत्यक्ष रूप से बच्चे को जन्म देने एवं अंडे देने के लाभ एवं हानि क्या हैं?
उत्तर
दोनों एक ही समस्या के उत्तर हैं — विकसित होते भ्रूण को पोषण एवं सुरक्षा कैसे दी जाए। दोनों में सुरक्षा की कीमत भिन्न प्रकार से चुकाई जाती है।
| बच्चे को जन्म देना | अंडे देना | |
|---|---|---|
| लाभ | भ्रूण माँ के भीतर विकसित होता है, अत: मौसम, परभक्षियों एवं सूखने से सुरक्षित रहता है। खाद्य पदार्थ एवं ऑक्सीजन निरंतर मिलते रहते हैं, अत: शिशु अच्छी तरह विकसित होकर जन्म लेता है। | मादा को भार नहीं उठाना पड़ता, अत: वह सामान्य रूप से चल-फिर, खा एवं बच सकती है। एक बार में अनेक अंडे दिए जा सकते हैं, और जल में तो सहस्रों एक साथ। |
| हानि | एक बार में बहुत कम संतति। माँ को भार एवं लागत उठानी पड़ती है तथा लंबे समय तक बँधे रहना पड़ता है। माँ की मृत्यु होने पर संतति भी नहीं बचती। | पूरे विकास का भोजन पहले ही अंडे में भरना पड़ता है। अंडा देने के पश्चात वह असुरक्षित रहता है — अनेक अंडे खा लिए या नष्ट हो जाते हैं, अत: अधिकांश से बच्चे नहीं निकलते। |
ऐसा क्यों होता है: यहाँ एक अदला-बदली है — भीतर विकास में बहुत कम संतति पर बहुत अधिक व्यय होता है, जबकि अंडे देने में बहुत अधिक संतति पर बहुत कम। दोनों सफल होती हैं और यह परिवेश तय करता है कि कौन-सी। जल में, जहाँ अंडे एवं युग्मक सीधे छोड़े जा सकते हैं, सहस्रों अंडे देना उपयुक्त है; स्थल पर, जहाँ भ्रूण सूख जाएगा, उसे भीतर रखना या कवच में बंद करना अधिक सुरक्षित है।