प्र1.
2–3 सप्ताह पश्चात इसमें हुए परिवर्तनों का अवलोकन कीजिए। क्या आपको पात्र में रखी सामग्री में कोई अंतर दिखाई देता है?
उत्तर
हाँ। फलों और सब्जियों के छिलके अब पहचाने ही नहीं जाते — वे गहरे रंग के पदार्थ में परिवर्तित हो गए हैं।
2–3 सप्ताह पश्चात आप देखेंगे —
- छिलकों का मूल रंग और आकार समाप्त हो गया है और वे गहरे रंग का भुरभुरा पदार्थ बन गए हैं।
- पात्र की सामग्री का कुल आयतन घट गया है।
- अब सड़े फल की नहीं, मिट्टी जैसी गंध आती है।
यह गहरे रंग का पदार्थ खाद है। यह पोषक तत्वों से भरपूर होती है और मिट्टी की उर्वरता बढ़ाने में सहायक होती है।
संकेत: पात्र को छायादार स्थान पर रखिए और उसे हल्का नम रहने दीजिए, जलमग्न नहीं। पुस्तक कहती है कि खाद का निर्माण इष्टतम तापमान और उचित नमी के स्तर पर होता है — बहुत सूखा हो तो प्रक्रिया रुक जाती है और बहुत गीला हो तो वायु भीतर नहीं पहुँच पाती।