प्र1.
काँच के कटोरों में रखे दूध में होने वाले परिवर्तनों का अवलोकन कीजिए। अपने अनुमान और अवलोकन तालिका 2.4 में लिखिए।
उत्तर
कटोरा ‘क’ (गुनगुना दूध, गरम स्थान पर) दही में जम जाता है; कटोरा ‘ख’ (ठंडा दूध, रेफ्रिजरेटर में) तरल ही रहता है। तालिका 2.4 इस प्रकार भरी जाएगी —
| दूध के स्वरूप में होने वाला परिवर्तन | दूध के रंग में होने वाला परिवर्तन | संभावित कारण | |||
|---|---|---|---|---|---|
| कटोरा ‘क’ | कटोरा ‘ख’ | कटोरा ‘क’ | कटोरा ‘ख’ | ||
| अनुमान | गाढ़ा होकर जम जाएगा | तरल ही रहेगा | विशेष परिवर्तन नहीं | कोई परिवर्तन नहीं | गरम स्थान पर दही शीघ्र जमता है |
| अवलोकन | दूध दही में परिवर्तित हो गया है — गाढ़ा और जमा हुआ, स्वाद में थोड़ा खट्टा; किनारे पर कुछ साफ़ तरल अलग हो सकता है | दूध दही में परिवर्तित नहीं हुआ; अब भी तरल है, परंतु हल्का खट्टा हो सकता है | श्वेत ही रहता है, कुछ अधिक अपारदर्शी दिखता है | कोई परिवर्तन नहीं — अब भी श्वेत | मिलाए गए दही का लैक्टोबैसिलस गुनगुने दूध में शीघ्रता से गुणन करके उसका किण्वन कर देता है; ठंड में वही जीवाणु बहुत धीमी वृद्धि करते हैं |
संकेत: जो एक चम्मच दही आप मिलाते हैं वह जामन है — वह दूध का कोई अवयव नहीं, जीवित जीवाणुओं की आपूर्ति है। इसीलिए ताज़े, जीवित जामन से दूध जम जाता है जबकि बहुत पुराने, अधिक खट्टे जामन से प्राय: नहीं जमता।