प्र1.
इसी जल में एक और चम्मच भरकर नमक को धीरे-धीरे डालिए और उसे विलोडित कीजिए। अवलोकन कीजिए कि नमक पूर्णतया घुलना बंद होने से पूर्व आप कितने चम्मच और नमक डाल सकते हैं। तालिका 9.1 में अपने अवलोकनों को अंकित कीजिए।
उत्तर
पहले कुछ चम्मच पूरी तरह घुल जाते हैं। आधे गिलास जल (लगभग 100 mL) में छठे से आठवें चम्मच के आस-पास कण घुलना बंद कर देते हैं और कितना भी विलोडित करने पर तली में नमक की परत बनी रहती है। भरी हुई तालिका 9.1 सामान्यतः इस प्रकार दिखेगी —
| ली गई नमक की मात्रा (छोटा चम्मच) | अवलोकन (नमक घुल जाता है / नमक नहीं घुलता है) |
|---|---|
| एक | नमक पूर्णतया घुल जाता है — विलयन असंतृप्त है |
| दो | नमक पूर्णतया घुल जाता है — असंतृप्त |
| तीन | नमक पूर्णतया घुल जाता है — असंतृप्त |
| चार | घुल जाता है, पर विलोडन अधिक देर करना पड़ता है |
| पाँच | देर तक विलोडित करने पर घुलता है |
| छह | अधिकांश घुल जाता है, कुछ कण शेष रह जाते हैं |
| सात | नमक नहीं घुलता — तली पर बैठ जाता है। अब विलयन संतृप्त है |
आपकी अपनी संख्या सात से भिन्न हो सकती है, और होनी भी चाहिए। यह इस पर निर्भर है कि आपने कितना जल लिया, आपका चम्मच कितना बड़ा है और कमरा कितना गरम है — अतः जो आप देखें वही अंकित कीजिए।
ऐसा क्यों होता है: उस तापमान पर जल केवल नमक के एक निश्चित संख्या के कणों को ही एक-दूसरे से अलग रख सकता है। इस सीमा तक प्रत्येक नया चम्मच खींचकर अलग कर दिया जाता है और जल में फैल जाता है। सीमा आ जाने पर आगे का नमक क्रिस्टल के रूप में ही पड़ा रहता है — विलयन संतृप्त हो गया।
संकेत: हर बार एक ही चम्मच लीजिए, उसे ऊपर से समतल कीजिए और प्रत्येक बार डालने के बाद उतनी ही देर विलोडित कीजिए। अन्यथा आप एक साथ दो बातें बदल रहे हैं और गिनती का कोई अर्थ नहीं रह जाता।