प्र1.
अब इसे विलोडित करते हुए 50°C तक गरम कीजिए (चित्र 9.7)। इस अविलीन बेकिंग सोडा का क्या होता है?
उत्तर
वह घुल जाता है। जैसे-जैसे जल 20 °C से 50 °C तक गरम होता है, बीकर की तली पर पड़ी ठोस बेकिंग सोडा की परत लुप्त हो जाती है और द्रव पुनः स्वच्छ हो जाता है।
ऐसा क्यों होता है: 20 °C पर जल अपनी सीमा तक पहुँच चुका था — वह संतृप्त विलयन था और अतिरिक्त बेकिंग सोडा के पास कोई स्थान नहीं था। गरम करने पर वह सीमा ऊपर उठ जाती है। अधिक तापमान वाले जल के कण तेज़ चलते हैं, ठोस से कण अधिक प्रभावी ढंग से तोड़ते हैं और उनमें से अधिक को अलग रख पाते हैं। अतः जो विलयन 20 °C पर संतृप्त था वह 50 °C पर असंतृप्त है और बैठा हुआ ठोस विलयन में चला जाता है।
सर्वोपरि सुरक्षा: तापन उपकरणों का उपयोग करते हुए सावधान रहिए। तापमापी का बल्ब द्रव में रहे पर बीकर की तली को न छुए, विलोडन काँच की छड़ से कीजिए, तापमापी से कभी नहीं, और बीकर हटाने से पहले स्पिरिट लैंप बुझा दीजिए।