प्र1.
क्या होगा यदि हम जल की एक निश्चित मात्रा में नमक को और अधिक मिलाते जाएँ?
उत्तर
आरंभ में प्रत्येक चम्मच घुलता जाएगा और विलयन क्रमशः अधिक सांद्र होता जाएगा। फिर एक अवस्था आएगी जब डाला गया नमक घुलना बंद कर देगा और तली पर बैठ जाएगा। उस क्षण से विलयन उस तापमान पर संतृप्त है, और अब आप कितना भी नमक डालें, उसमें से कुछ भी नहीं घुलेगा — अतिरिक्त नमक ठोस के रूप में जमा होता जाएगा।
ऐसा क्यों होता है: जल की एक निश्चित मात्रा की विलेय-कणों को अलग-अलग तथा फैला हुआ रखने की क्षमता निश्चित होती है। नमक डालते जाने पर यह क्षमता धीरे-धीरे समाप्त होती जाती है। समाप्त हो जाने पर जल क्रिस्टलों से और कण खींच नहीं पाता, इसलिए क्रिस्टल अखंडित रहकर बैठ जाते हैं।
संकेत: बैठे हुए नमक के ऊपर का विलयन दुर्बल नहीं होता — वह उस तापमान का सबसे प्रबल संभव विलयन होता है। संतृप्त विलयन में नमक डालने से तली के ठोस की मात्रा बदलती है, द्रव की प्रबलता नहीं।