प्र1.
मुझे आश्चर्य है कि रंगीन द्रवों का स्तर कैसे मापा जाता है?
उत्तर
रंगीन द्रव के लिए वह चिह्न पढ़ा जाता है जो नवचंद्रक के ऊपरी भाग के साथ सीध में हो — जल के लिए जो किया जाता है उससे ठीक उलटा।
| द्रव | नवचंद्रक का कौन-सा भाग पढ़ें | कारण |
|---|---|---|
| जल और अन्य रंगहीन द्रव | नवचंद्रक की तली | पारदर्शी द्रव के आर-पार वक्र स्पष्ट दिखाई देता है |
| रंगीन द्रव (स्याही, पोटैशियम परमैंगनेट का विलयन, दूध) | नवचंद्रक का ऊपरी भाग | रंग वक्र की तली को छिपा देता है; केवल ऊपरी किनारा ही स्पष्ट दिखता है |
दोनों ही स्थितियों में एक नियम कभी नहीं बदलता — पाठ्यांक पढ़ते समय आपकी आँखें उसी तल की सीध में हों जिसे आप पढ़ रहे हैं।
ऐसा क्यों होता है: संकीर्ण नली में द्रव की सतह इसलिए वक्र बनती है क्योंकि द्रव काँच की ओर आकर्षित होता है। रंगहीन द्रव में आप आर-पार देखकर इस वक्र का निम्नतम बिंदु देख सकते हैं। रंगीन द्रव में प्रकाश आर-पार नहीं जाता, अतः दिखता है केवल रंग का एक ठोस पट्ट, जिसका तीक्ष्ण ऊपरी किनारा ही एकमात्र रेखा है जिस पर आँख टिक सकती है।
संकेत: यदि आपकी आँख सतह से ऊपर है तो पाठ्यांक अधिक आएगा और नीचे है तो कम। लंबन नाम की यह त्रुटि सिलिंडर के अल्पतमांक से कहीं बड़ी होती है — अतः झुककर आँख को द्रव के तल तक लाइए।