प्र1.
“दो-चार बार मोती ने गाड़ी को सड़क की खाई में गिराना चाहा; पर हीरा ने संभाल लिया। वह ज्यादा सहनशील था।” 1. कहानी के आधार पर हीरा और मोती की विशेषताएँ लिखिए। (संकेत— धैर्यवान, गुस्सैल, मेहनती, शांत, सहनशील आदि)
उत्तर
दोनों बैल एक-जैसे दिखते हैं, पर स्वभाव में अलग हैं। नीचे हर विशेषता के साथ कहानी का प्रमाण भी दिया गया है।
| हीरा | प्रमाण | मोती | प्रमाण |
|---|---|---|---|
| सहनशील और धैर्यवान | “दो-चार बार मोती ने गाड़ी को सड़क की खाई में गिराना चाहा; पर हीरा ने संभाल लिया। वह ज्यादा सहनशील था।” | गुस्सैल और उग्र | “मोती का गुस्सा काबू के बाहर हो गया। हल लेकर भागा।” |
| विवेकी और दूरदर्शी | “भागना व्यर्थ है।” और गराँव खुलने पर — “कल इस अनाथ पर आफत आएगी।” | साहसी और निडर | “कहो तो दिखा दूँ कुछ मजा मैं भी। लाठी लेकर आ रहा है।” |
| धर्मपरायण / मर्यादावादी | “नहीं। हमारी जाति का यह धर्म नहीं है।”; “गिरे हुए बैरी पर सींग न चलाना चाहिए।” | व्यावहारिक और स्पष्टवादी | “यह सब ढोंग है। बैरी को ऐसा मारना चाहिए कि फिर न उठे।” |
| नेतृत्व करने वाला और योजनाकार | साँड़ के समय — “उपाय यही है कि उस पर दोनों जने एक साथ चोट करें। मैं आगे से रगेदता हूँ, तुम पीछे से रगेदो।” | दृढ़ और अडिग मित्र | “तुम मुझे इतना स्वार्थी समझते हो, हीरा?” — दीवार गिरने के बाद भी नहीं भागा। |
| दृढ़-संकल्प | “जोर तो मारता ही जाऊँगा, चाहे कितने ही बंधन पड़ते जाएँ।” | परोपकारी | “मोती ने दोनों गधों को सींगों से मार-मारकर बाड़े के बाहर निकाला।” |
| भावुक और आशावादी | “एक बार भगवान ने उस लड़की के रूप में हमें बचाया था। क्या अब न बचाएँगे?” | आत्माभिमानी | “अगर वह मुझे पकड़ता, तो मैं बे-मारे न छोड़ता।” और “मर जाऊँगा; पर उसके काम तो न आऊँगा।” |
दोनों में समान क्या है: मेहनती, स्वाभिमानी, वफ़ादार, बुद्धिमान और एक-दूसरे के प्रति अटूट प्रेम रखने वाले। दोनों ही मार खाकर भी झुके नहीं और दोनों ही अपने घर लौट आए।